Last updated: August 12th, 2026 at 12:30 pm

उत्तर प्रदेश भारतीय javelin throw का नया powerhouse बनकर उभर रहा है। राज्य के अब सात पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी 80 मीटर से ज्यादा का थ्रो कर चुके हैं। हालिया अंतरराष्ट्रीय सफलता के बाद इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश की athletics व्यवस्था और प्रतिभाओं पर ध्यान खींचा है।
इस सूची में सचिन यादव, रोहित यादव और आशीष यादव जैसे नाम प्रमुख हैं। सचिन यादव पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं, जबकि रोहित यादव senior circuit में लगातार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा हाल में आशीष यादव की हुई है। उन्होंने World Athletics U20 Championships में पुरुषों के javelin throw में silver medal जीतकर भारत के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की। यह भारत का इस प्रतियोगिता में javelin में 10 साल बाद आया medal था।
आशीष का सफर खास तौर पर उल्लेखनीय है। मिर्जापुर के मवैया गांव से आने वाले आशीष ने सीमित संसाधनों के बावजूद अभ्यास जारी रखा। शुरुआती दिनों में उन्होंने लकड़ी के भाले से भी training की। उनकी मेहनत का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर medal के रूप में सामने आया है।
उत्तर प्रदेश में javelin की यह बढ़ती ताकत केवल एक खिलाड़ी की सफलता तक सीमित नहीं है। राज्य से लगातार नए throwers सामने आ रहे हैं और कई खिलाड़ी 80 मीटर की elite level सीमा पार कर चुके हैं।
सचिन यादव इस समूह के सबसे अनुभवी नामों में हैं। उन्होंने 2025 World Athletics Championships में 86.27 मीटर का throw करके चौथा स्थान हासिल किया था। इससे वह भारत के शीर्ष javelin throwers में शामिल हुए।
रोहित यादव भी भारतीय senior javelin circuit में महत्वपूर्ण नाम हैं। 2025 में उन्होंने 83.65 मीटर का personal/season best हासिल किया था और international competitions में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उत्तर प्रदेश से निकल रही इन प्रतिभाओं का प्रभाव भारतीय athletics में competition को भी बढ़ा रहा है। पहले भारतीय javelin का सबसे बड़ा नाम Neeraj Chopra था, लेकिन अब domestic level पर कई throwers 80 मीटर से आगे पहुंच चुके हैं।
इस बढ़ती प्रतिस्पर्धा का फायदा भारतीय टीम को मिल सकता है। Commonwealth Games और Asian Games जैसे बड़े competitions के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की होड़ अब पहले से ज्यादा कठिन हो गई है।
उत्तर प्रदेश की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि राज्य में javelin को लेकर एक मजबूत sporting culture विकसित होता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले खिलाड़ियों को भी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
आशीष यादव की सफलता इसका ताजा उदाहरण है। सीमित सुविधाओं से शुरुआत करके World U20 Championships में silver medal तक पहुंचना बताता है कि प्रतिभा सही training और अवसर मिलने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती है।
आज उत्तर प्रदेश के सात 80-metre-plus throwers भारतीय athletics के लिए बड़ी संभावना हैं। आने वाले वर्षों में इनमें से कुछ खिलाड़ी senior international competitions में भारत के लिए medal contenders बन सकते हैं।
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