Last updated: September 30th, 2026 at 12:54 pm
बिहार-झारखंड सीमा से जुड़े साहिबगंज-महाराजपुर रेलखंड पर गंगा नदी के तेज कटाव ने रेल परिचालन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। महाराजपुर झुंझरी पुल के पास करीब 100 मीटर रेल ट्रैक गंगा के कटाव की जद में आ गया है। स्थिति को देखते हुए डाउन लाइन पर रेल परिचालन रोक दिया गया है और रेलवे की टीमें ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए युद्धस्तर पर कटावरोधी काम कर रही हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गंगा का कटाव अब रेल ट्रैक के काफी करीब पहुंच चुका है। कुछ स्थानों पर नदी की धारा और ट्रैक के बीच की दूरी करीब 20 मीटर तक रह गई है। इससे रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। अधिकारियों की निगरानी में प्रभावित हिस्से में मिट्टी और अन्य सामग्री डालकर कटाव को रोकने की कोशिश की जा रही है।
कटाव के कारण रेल परिचालन पर सीधा असर पड़ा है। 30 सितंबर को साहिबगंज-रामपुरहाट मेमू और साहिबगंज-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस को रद्द किया गया है। इससे इस रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा परिचालन status जांचने की सलाह दी है।
कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने का फैसला भी किया गया है। दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल, भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, गया-हावड़ा एक्सप्रेस और जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। अलग-अलग ट्रेनों को भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट तथा अन्य वैकल्पिक रेल मार्गों से चलाया जा रहा है।
रेलवे ने कुछ ट्रेनों को उनके नियमित गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय शॉर्ट टर्मिनेट करने का भी निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि प्रभावित परिचालन व्यवस्था के कारण कुछ ट्रेनें निर्धारित अंतिम स्टेशन से पहले ही रोक दी जाएंगी। ऐसे में यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ इस इलाके में कटाव की समस्या लगातार गंभीर हुई है। साहिबगंज और आसपास के क्षेत्रों में नदी का पानी रेलवे लाइन के करीब पहुंचने से रेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ी है। रेलवे अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कटाव को रोकने के लिए जरूरी तकनीकी उपाय किए जा रहे हैं।
रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रभावित डाउन लाइन पर अस्थायी रोक लगाई गई है। रेलवे का प्रयास है कि पहले ट्रैक और आसपास के हिस्से को सुरक्षित बनाया जाए, इसके बाद सामान्य परिचालन बहाल किया जाए। हालांकि, सेवा पूरी तरह कब सामान्य होगी, यह कटावरोधी कार्य की प्रगति और ट्रैक की सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगा।
इस स्थिति का असर केवल स्थानीय यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों पर भी पड़ रहा है। रूट बदलने के कारण यात्रा की दूरी और समय में बदलाव हो सकता है। वहीं, रद्द की गई ट्रेनों के यात्रियों को अपनी यात्रा की वैकल्पिक योजना बनानी पड़ रही है।
रेलवे की प्राथमिकता ट्रैक को गंगा के कटाव से सुरक्षित रखना और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। प्रभावित रेलखंड पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर जांचें, क्योंकि नदी की स्थिति और मरम्मत कार्य के आधार पर परिचालन में आगे भी बदलाव किया जा सकता है।
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