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गोंडा में बेटी की हत्या के दोषी पिता और सौतेली मां को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के गोंडा में अदालत ने बेटी की हत्या के मामले में उसके पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां
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उत्तर प्रदेश के गोंडा में अदालत ने बेटी की हत्या के मामले में उसके पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां किरण को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर ₹25,000-₹25,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनाया गया।

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    मामला 10-11 जून 2024 की रात धानेपुर थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माधवगंज गांव का है। पुलिस के अनुसार घटना के बाद राजेश ने 112 नंबर पर फोन कर दावा किया था कि उसके भाइयों ने उस पर और उसकी बेटी पर हमला किया है। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवती को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतका की पहचान श्वेता के रूप में हुई। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मामले में मृतका के नाना बृज बिहारी मिश्रा की शिकायत पर FIR दर्ज की गई।

    जांच के दौरान पुलिस को मामले की कहानी पर संदेह हुआ। 12 जून 2024 को राजेश और उसकी पत्नी किरण को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बाद में दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, राजेश अपनी बेटी की शादी एक ऐसे व्यक्ति से कराना चाहता था जो दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी था। श्वेता इस रिश्ते के खिलाफ थी और शादी के प्रस्ताव का विरोध कर रही थी।

    मामले में संपत्ति विवाद का एंगल भी सामने आया। अभियोजन के मुताबिक राजेश का अपने भाइयों के साथ पैतृक मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।

    अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप लगाया कि राजेश और किरण ने श्वेता की हत्या की और बाद में घटना को अलग रूप देने के लिए 112 पर झूठी सूचना दी, जिसमें राजेश ने अपने भाइयों पर हमला करने का आरोप लगाया था।

    पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से मिले सबूतों, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ मामला आगे बढ़ाया।

    अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की दलीलें सुनी गईं। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की समीक्षा के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गा नारायण सिंह ने राजेश और किरण को हत्या का दोषी माना।

    अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया।

    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के बाद शुरुआत में पुलिस को अलग कहानी बताई गई थी। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने कथित पारिवारिक विवाद और हत्या के पीछे के कारणों की जांच की।

    अभियोजन के अनुसार बेटी की शादी को लेकर विरोध और परिवार के भीतर संपत्ति विवाद मामले की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण कारण रहे। हालांकि अदालत का फैसला उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आया।

    करीब दो साल पहले हुई इस हत्या के मामले में अब अदालत के फैसले के बाद दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है। पीड़ित परिवार के लिए यह फैसला लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है।

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