Last updated: August 31st, 2026 at 11:34 am

राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के विस्तार को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पारंपरिक राजनीतिक आधार रखने वाली RLD अब अवध और पूर्वांचल में भी अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है। रविवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी के कार्यक्रम में जयंत चौधरी ने कार्यकर्ताओं से गांव और मोहल्लों तक पहुंच बढ़ाने तथा किसानों, युवाओं, शिक्षकों और समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद मजबूत करने का आह्वान किया।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है। जयंत चौधरी ने कार्यकर्ताओं से केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित न रहने और प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी RLD की मौजूदगी मजबूत करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठन को सक्रिय करने की जरूरत पर जोर दिया।
RLD की पहचान लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और विशेष रूप से किसान एवं जाट राजनीति से जुड़ी रही है। हालांकि अब पार्टी अपनी राजनीतिक पहुंच को व्यापक बनाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का लक्ष्य पश्चिमी यूपी के पारंपरिक आधार के साथ-साथ मध्य यूपी, अवध और पूर्वांचल में नए सामाजिक समूहों तक पहुंच बनाना बताया जा रहा है।
लखनऊ में हुए कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज की मौजूदगी भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी की गतिविधियों में ब्राह्मण और अन्य सवर्ण वर्गों के लोगों को जोड़ने की कोशिश के संकेत मिले हैं। पूर्वांचल के नेता और शिक्षक राजनीति से जुड़े बीके शुक्ला की सक्रिय भूमिका को भी इसी विस्तार रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
जयंत चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से किसानों के साथ-साथ युवाओं और शिक्षकों के मुद्दों पर भी सक्रिय रूप से काम करने की अपील की। उनका कहना है कि RLD को समाज के अलग-अलग वर्गों से लगातार संवाद करना चाहिए। पार्टी की कोशिश केवल चुनाव के समय सक्रिय होने की बजाय जमीनी स्तर पर संगठन को लगातार मजबूत करने की है।
युवाओं को लेकर भी जयंत चौधरी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नई तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग आधारित अनुभव से जोड़ना जरूरी है। उनका मानना है कि तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है और युवाओं को रोजगार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
लखनऊ कार्यक्रम में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले RLD के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करना है।
जयंत चौधरी की यह रणनीति ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। राजनीतिक दल अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने में जुटे हैं। ऐसे में RLD का पश्चिमी यूपी से बाहर विस्तार करना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रयोग हो सकता है।
लखनऊ में जयंत चौधरी ने विपक्षी राजनीति पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा और कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को अलग-अलग वर्गों में बांटना नहीं बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए। उन्होंने जातीय राजनीति के बजाय व्यापक सामाजिक भागीदारी की बात रखी।
RLD के लिए चुनौती यह होगी कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाहर अपनी संगठनात्मक पहचान कितनी तेजी से स्थापित कर पाती है। अवध और पूर्वांचल में पहले से ही कई मजबूत राजनीतिक दल और स्थानीय नेतृत्व मौजूद हैं। ऐसे में RLD को नए क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करने के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी प्रभावी ढंग से काम करना होगा।
पार्टी की रणनीति में युवाओं और महिलाओं को अधिक जिम्मेदारी देने की बात भी सामने आई है। इससे RLD अपनी पारंपरिक छवि से आगे बढ़कर नए मतदाता समूहों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकती है। पार्टी नेताओं के अनुसार, संगठन में अलग-अलग वर्गों के लोगों को जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा।
राजनीतिक रूप से देखा जाए तो जयंत चौधरी का लखनऊ कार्यक्रम केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं बल्कि 2027 की तैयारियों का शुरुआती संकेत भी माना जा सकता है। पश्चिमी यूपी में अपनी मौजूदगी बनाए रखते हुए अवध और पूर्वांचल में विस्तार की योजना RLD के लिए राज्यव्यापी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश है।
राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी ने लखनऊ में पार्टी के विस्तार की नई रणनीति का संकेत देते हुए अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठन मजबूत करने का आह्वान किया है। RLD किसानों, युवाओं, शिक्षकों और अन्य सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी पश्चिमी यूपी के पारंपरिक आधार से आगे बढ़कर ‘सर्वसमाज’ तक पहुंच बनाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।
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