Last updated: August 31st, 2026 at 11:30 am

लैंड फॉर जॉब्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव को फिलहाल अदालत से कोई तत्काल राहत नहीं मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मामले में फैसला टाल दिया है। अब अदालत 30 सितंबर को इस संबंध में अपना आदेश सुना सकती है।
वर्चुअल माध्यम से हुई लालू यादव की पेशी
शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद आरोप तय करने पर तत्काल फैसला नहीं सुनाया।
अब अगली सुनवाई में अदालत यह तय कर सकती है कि जांच एजेंसियों की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर लालू यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए जाएं या नहीं।
आरोप तय हुए तो आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया
यदि अदालत आरोप तय करने का निर्णय लेती है, तो मामला मुकदमे की अगली प्रक्रिया में प्रवेश करेगा। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ सकती है। फिलहाल 30 सितंबर की सुनवाई को अहम माना जा रहा है, जब अदालत इस मामले में अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
क्या है लैंड फॉर जॉब्स मामला?
यह मामला कथित तौर पर रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन और संपत्तियां हासिल किए जाने से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित लेन-देन में संपत्तियों के हस्तांतरण और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की गई है।
इसी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। जांच के दौरान एजेंसी ने कथित संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन को लेकर विभिन्न कार्रवाई की है।
लालू परिवार के सदस्यों के नाम भी शामिल
मामले की जांच के दायरे में लालू प्रसाद यादव के अलावा उनके परिवार के कुछ सदस्यों और अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। आरोप तय करने को लेकर अदालत के फैसले का इन सभी पक्षों पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल अदालत द्वारा फैसला टाले जाने के बाद लालू यादव समेत अन्य आरोपियों को 30 सितंबर की अगली सुनवाई का इंतजार है।
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