Last updated: July 1st, 2026 at 04:33 pm

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर रोजगार और पलायन के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों युवा बेहतर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर हैं। उनके अनुसार राज्य में उद्योगों का विस्तार, नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है और यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा रोजगार के बाजार में प्रवेश करते हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि राज्य में पर्याप्त रोजगार उपलब्ध होंगे, तो युवाओं को अपने परिवार से दूर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
राजद नेता ने यह भी कहा कि केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने निजी निवेश, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार औद्योगिक विकास से न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
तेजस्वी यादव ने शिक्षा और कौशल विकास को भी रोजगार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे बदलते रोजगार बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के विस्तार की भी मांग की।
राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर यह कहा जाता रहा है कि बिहार में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोजगार और पलायन बिहार की राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल हैं। लगभग हर चुनाव में यह विषय प्रमुखता से उठाया जाता है। सत्ता पक्ष अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करता है, जबकि विपक्ष रोजगार और आर्थिक अवसरों को लेकर सरकार से जवाब मांगता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास, बेहतर आधारभूत ढांचा, निवेश और कौशल विकास पर समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि इन क्षेत्रों में निरंतर प्रगति होती है, तो राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और पलायन की समस्या में कमी आ सकती है।
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार में रोजगार और पलायन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले समय में यह विषय राज्य की राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी रणनीति और दृष्टिकोण जनता के सामने रखने की तैयारी में जुटे हैं।
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