Last updated: September 23rd, 2026 at 02:11 pm

बिहार के दरभंगा जिले में स्कूल की अर्धवार्षिक परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को बाइक से जबरन ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में एक युवक और एक किशोर को पकड़ा है। गिरफ्तार युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड की प्रक्रिया के तहत भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार छात्रा परीक्षा देने के लिए जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो लोगों ने कथित तौर पर उसे जबरन बाइक पर बैठा लिया और वहां से ले जाने की कोशिश की। छात्रा ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़े। भीड़ को अपनी ओर आते देखकर दोनों आरोपी कथित तौर पर छात्रा को बाइक से नीचे गिराकर वहां से फरार हो गए। पुलिस ने बाद में घटना में इस्तेमाल बाइक को जब्त कर लिया।
मामले में पकड़े गए वयस्क आरोपी की पहचान किरतपुर गांव निवासी राजू सदा के रूप में बताई गई है। दूसरा आरोपी नाबालिग है। पुलिस ने राजू सदा को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय व्यवस्था के तहत संबंधित बोर्ड के सामने पेश किया गया है।
घटना को लेकर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब घटना की परिस्थितियों, दोनों आरोपियों की भूमिका और उनके बीच संबंधों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि छात्रा को कथित तौर पर जबरन बाइक पर बैठाने के पीछे आरोपियों का उद्देश्य क्या था।
घटना के सामने आने के बाद दरभंगा पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर ट्रैक कर लिया गया था। वयस्क आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग आरोपी के मामले में किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया अपनाई गई।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बिहार के जमुई जिले में नाबालिगों के साथ कथित बदसलूकी का मामला चर्चा में है। जमुई मामले में सामने आए वीडियो के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी वजह से दरभंगा की घटना को लेकर भी पुलिस ने सोशल मीडिया पर संवेदनशील सामग्री साझा नहीं करने की अपील की है।
दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली जानकारी, फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस के मुताबिक ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना कानूनी समस्या पैदा कर सकता है। पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली ऐसी सामग्री पर भी नजर रख रही है।
मामले की जांच में पुलिस आसपास लगे कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी का भी इस्तेमाल कर सकती है। घटना स्थल से जब्त बाइक भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए पुलिस आरोपियों की गतिविधियों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के सामने अब यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि घटना में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी और क्या यह पहले से बनाई गई कोई योजना थी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि आरोपियों का छात्रा से पहले कोई परिचय था या घटना अचानक हुई। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस निगरानी से जुड़े सवालों को सामने रखा है। हालांकि मामले की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल एक वयस्क आरोपी न्यायिक हिरासत में है और नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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