Human Live Media

HomeNewsदिल्ली में SIR को लेकर घर-घर पहुंच रहे BLO, नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेजों का हो रहा सत्यापन

दिल्ली में SIR को लेकर घर-घर पहुंच रहे BLO, नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेजों का हो रहा सत्यापन

  दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया के तहत अब बूथ
df545bb0-aeb4-11f1-ae38-d350b022f499.jpg

 

Table of Contents

    दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया के तहत अब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर-घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। चुनाव कार्यालय की ओर से यह कदम उन मतदाताओं की मदद के लिए उठाया गया है जिनके नाम या विवरण में मतदाता सूची के रिकॉर्ड के दौरान किसी तरह की विसंगति सामने आई है।

     

    दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। ऐसे मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित मामले पर निर्णय लिया जाएगा।

     

    SIR के दौरान तैयार की गई दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को जारी की गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई जिनके रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह की विसंगतियां दर्ज थीं। इनमें नाम, उम्र या परिवार से संबंधित विवरण में अंतर तथा पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होने जैसे मामले शामिल हैं।

     

    रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में करीब 31.6 लाख मतदाताओं को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है जिनमें रिकॉर्ड के अलग-अलग हिस्सों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जबकि कुछ मामलों में पुराने SIR रिकॉर्ड से आवश्यक मैपिंग नहीं मिल सकी।

     

    अब BLO ऐसे मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें यह समझाया जा रहा है कि अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कौन से दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। कुछ मामलों में अधिकारी मतदाताओं के घर से ही दस्तावेज लेकर उन्हें चुनाव कार्यालय तक पहुंचाने की प्रक्रिया में सहायता कर रहे हैं। इसका उद्देश्य उन लोगों को सुविधा देना है जिन्हें कार्यालय में जाकर दस्तावेज जमा करने में परेशानी हो सकती है।

     

    नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भी इस तरह की घर-घर सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार BLO उन मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं जिन्हें नोटिस मिला है और उनके ऑनलाइन जवाब तथा दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जिन लोगों ने ऑनलाइन जवाब नहीं दिया है, उनसे भी संपर्क करके आवश्यक कागजात लिए जा रहे हैं।

     

    दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि BLO केवल मतदाताओं को उनकी कमियां बताकर वापस न भेजें, बल्कि उन्हें दस्तावेज जुटाने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने में मदद करें। चुनाव कार्यालय का कहना है कि SIR की प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता रिकॉर्ड को सत्यापित करना और सूची को व्यवस्थित करना है।

     

    इस प्रक्रिया में करीब 14 हजार BLO और लगभग 1,200 Electoral Registration Officers (EROs) के तैनात होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के सामने बड़ी संख्या में नोटिस और दावों-आपत्तियों का समय पर निपटारा करने की जिम्मेदारी है।

     

    मतदाताओं के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी जारी है। जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है या जिनके विवरण में गलती है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। चुनाव कार्यालय ने लोगों से अपने नाम और व्यक्तिगत विवरण की जांच करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में समयसीमा के भीतर संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करने को कहा है।

     

    दिल्ली चुनाव कार्यालय 27 सितंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप भी आयोजित करेगा। यह कैंप सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगाए जाने हैं। इन कैंपों का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को नामांकन, सत्यापन और SIR से संबंधित प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराना है।

     

    SIR प्रक्रिया को लेकर न्यायिक स्तर पर भी सुनवाई हुई है। 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में कुछ मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा। अदालत ने यह भी कहा कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में अतिरिक्त फिल्टर की जरूरत हो सकती है या नहीं, इस पर विचार किया जाए। यह न्यायिक टिप्पणी प्रक्रिया से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आई है।

     

    वहीं दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने मात्र से किसी मतदाता का नाम अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटाया नहीं जाता। संबंधित व्यक्ति को जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाता है। इसके बाद अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई होती है।

     

    दिल्ली में SIR से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए घर-घर संपर्क, दस्तावेजों का सत्यापन और विशेष कैंपों के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मतदाताओं के लिए अपने नाम, पते और अन्य विवरण की जांच करना तथा किसी विसंगति की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब देना महत्वपूर्ण है।

    Loading

    Comments are off for this post.