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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का 74 वर्ष की उम्र में निधन

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद दिल्ली के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। मेहता ने तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में दिल्ली सरकार और नगर निगम में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था।

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    1975 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता ने वर्ष 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला था। नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त होने से पहले उन्होंने राजधानी के प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में भूमिका निभाई। वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भी उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।

     

    रिपोर्टों के अनुसार, मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के एक फ्लैट में मृत पाए गए थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक नोट भी बरामद किया है। मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर किया गया।

     

    राकेश मेहता को दिल्ली में प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने वाले अधिकारियों में गिना जाता था। उन्होंने बिजली क्षेत्र में निजीकरण की प्रक्रिया के दौरान पावर सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया। इसके अलावा राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बदलाव और ब्लूलाइन बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर लो-फ्लोर बसों को बढ़ावा देने की योजनाओं में भी उनकी भूमिका रही।

     

    दिल्ली नगर निगम में काम करने के दौरान भी उन्होंने कई प्रशासनिक बदलावों को आगे बढ़ाया। पूर्व अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति कर की गणना के लिए यूनिट एरिया पद्धति लागू करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। इस व्यवस्था का उद्देश्य संपत्ति कर प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना था। उन्होंने नगर निगम की सफाई सेवाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी से जुड़े सुधारों में भी भूमिका निभाई।

     

    मेहता के कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली के परिवहन ढांचे में बदलाव से भी जुड़ा रहा। उनके कार्यकाल में शहर के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में बड़ी संख्या में लो-फ्लोर बसें शामिल की गईं। इससे दिल्ली की बस सेवा को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया को गति मिली।

     

    उनके साथ काम कर चुके अधिकारियों और नेताओं ने उन्हें कुशल और सुधारों के प्रति सकारात्मक रुख रखने वाला प्रशासक बताया। पूर्व दिल्ली मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने उन्हें ऐसे अधिकारी के रूप में याद किया जो नई नीतियों और विचारों को लागू करने के लिए तैयार रहते थे। पूर्व मुख्य सचिव रमेश नेगी ने भी दिल्ली के नागरिक प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कई सुधारों में मेहता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

     

    मेहता ने दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बनाए गए एयर एम्बियंस फंड की स्थापना में भी योगदान दिया था। यह फंड आगे चलकर पर्यावरण से जुड़े कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण वित्तीय स्रोत बना।

     

    राकेश मेहता के निधन से दिल्ली ने एक ऐसे अनुभवी प्रशासक को खो दिया है, जिसने परिवहन, बिजली, नगर प्रशासन और बड़े आयोजनों की व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और सुधारों में योगदान को उनके सहयोगियों ने याद किया है। पुलिस की जांच के बीच उनके निधन से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर आगे की जानकारी सामने आने का इंतजार है।

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