Last updated: September 8th, 2026 at 03:20 pm

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पूर्व पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हुडा ज़रीवाला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर के जिलाधिकारी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। मामला जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को गिराए जाने से जुड़ी उनकी कथित टिप्पणियों से संबंधित बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में हुडा ज़रीवाला कथित तौर पर कलेक्ट्रेट मस्जिद को गिराए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करती नजर आईं।
इस मामले में वकील दुष्यंत सिंह की शिकायत पर सदर बाजार थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने वीडियो और उसमें की गई कथित टिप्पणियों की जांच शुरू कर दी है।
सर्किट हाउस में भी हुआ था विवाद
स्थानीय रिपोर्टों और पुलिस के अनुसार, हुडा ज़रीवाला सोमवार को सहारनपुर सर्किट हाउस पहुंची थीं। वहां समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने को लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से बहस होने की बात सामने आई है।
बताया गया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी घटनाक्रम के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।
शांति भंग की आशंका में भी कार्रवाई
पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद हुडा ज़रीवाला को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। उन्हें शांति भंग की आशंका से संबंधित एहतियाती धाराओं के तहत पेश किया गया, जिसके बाद जेल भेजे जाने की जानकारी है।
सहारनपुर के एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और कथित टिप्पणियों की जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुलिस की नजर
कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को गिराए जाने के बाद सहारनपुर में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। पुलिस सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट, वीडियो और संदेशों की निगरानी कर रही है, जिनसे अफवाह फैलने या इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका हो।
एसपी सिटी व्योम बिंदल के अनुसार, पुलिस की टीमें ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली संभावित गतिविधियों की पहचान कर रही हैं। मस्जिद से जुड़े कथित भड़काऊ पोस्ट और सोशल मीडिया सामग्री के मामले में कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ या हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
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