Last updated: August 30th, 2026 at 02:36 pm

नई दिल्ली: दिल्ली के पश्चिमी इलाके मुंडका में रविवार तड़के एक लकड़ी और प्लाईवुड फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए 25 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और 100 से अधिक दमकलकर्मियों ने कई घंटे तक लगातार अभियान चलाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बताया गया कि आग मुंडका के राजधनी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित असम टिंबर मार्केट के एक लकड़ी और प्लाईवुड गोदाम में लगी। तड़के करीब तीन बजे आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। फैक्ट्री में लकड़ी और प्लाईवुड जैसी ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल गई और धुएं का बड़ा गुबार आसपास के इलाके में दिखाई देने लगा।
आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत बड़ी संख्या में फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे। 25 दमकल इकाइयों के साथ 100 से अधिक फायरकर्मियों ने आग को आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोकने की कोशिश की। कई घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब 6:30 बजे तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया, ताकि लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री में दोबारा आग न भड़के।
अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में फिलहाल किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। शुरुआती स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि फैक्ट्री के वॉचमैन ने समय रहते लोगों को सतर्क कर दिया था, जिससे किसी बड़े जनहानि वाले हादसे को टालने में मदद मिली। हालांकि आग से फैक्ट्री और वहां रखी सामग्री को कितना नुकसान हुआ है, इसका विस्तृत आकलन अभी किया जाना बाकी है।
आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां घटनास्थल की जांच के बाद ही आग के वास्तविक कारण की पुष्टि करेंगी। फैक्ट्री की विद्युत व्यवस्था और वहां मौजूद अग्निशमन सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जा सकती है।
मुंडका दिल्ली के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां, गोदाम और छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे इलाकों में लकड़ी, प्लाईवुड, पैकेजिंग सामग्री और अन्य ज्वलनशील सामान का भंडारण होने के कारण आग लगने पर उसके तेजी से फैलने का खतरा रहता है।
रविवार की घटना ने एक बार फिर दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर ऐसे परिसरों में जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी जाती है, वहां पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित विद्युत वायरिंग, आपातकालीन निकास और नियमित सुरक्षा निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
दमकलकर्मियों के लिए भी ऐसी आग चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि लकड़ी और प्लाईवुड लंबे समय तक सुलगते रह सकते हैं। आग की लपटें नियंत्रित होने के बाद भी अंदर मौजूद सामग्री में गर्मी बनी रहने के कारण दोबारा आग भड़कने की संभावना रहती है। इसी वजह से आग बुझाने के बाद कूलिंग ऑपरेशन करना जरूरी होता है।
घटना के दौरान आसपास के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों में भी चिंता फैल गई। आग की ऊंची लपटें और घना धुआं देखकर लोग मौके पर जमा होने लगे, लेकिन दमकलकर्मियों ने अभियान के दौरान क्षेत्र को नियंत्रित रखने और आग को आसपास फैलने से रोकने पर ध्यान केंद्रित किया।
फिलहाल दमकल विभाग की प्राथमिक कार्रवाई पूरी हो चुकी है और आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन और आग के कारणों की जांच की जा रही है। यदि जांच में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो संबंधित विभाग आगे आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।
मुंडका में हुई यह घटना दिल्ली में औद्योगिक आग के जोखिम को फिर से सामने लाती है। राजधानी में पहले भी औद्योगिक इलाकों में आग की बड़ी घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में ज्वलनशील सामग्री रखने वाली इकाइयों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और आपातकालीन तैयारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोक लिया गया। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी और फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
दिल्ली के मुंडका स्थित असम टिंबर मार्केट में रविवार तड़के लकड़ी और प्लाईवुड फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग बुझाने के लिए 25 दमकल गाड़ियों और 100 से अधिक फायरकर्मियों को लगाया गया। करीब 6:30 बजे तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जबकि आग के कारणों की जांच जारी है।
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