Last updated: September 1st, 2026 at 02:32 pm

Iनई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में करीब साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट और यौन दुर्व्यवहार के मामले में दिल्ली सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद प्रशासन ने उस निजी डे-केयर और प्ले स्कूल को सील कर दिया, जहां बच्चे के साथ कई दिनों तक कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया था। मामले में पुलिस ने एक अटेंडेंट को गिरफ्तार किया है, जबकि स्कूल की शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
मामला तब सामने आया जब बच्चे के माता-पिता ने उसके व्यवहार में अचानक बदलाव देखा। परिवार के अनुसार, बच्चा स्कूल से लौटने के बाद परेशान रहने लगा था और उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए। 18 अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच में उसके कानों में सूजन सहित चोट के संकेत मिले, जिसके बाद परिवार को स्कूल में उसके साथ कुछ गलत होने का संदेह हुआ।
परिवार ने स्कूल से CCTV फुटेज देखने की मांग की। फुटेज सामने आने के बाद कथित तौर पर कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जिनमें बच्चे के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया था। पुलिस के अनुसार, फुटेज में बच्चे को कुर्सी से बांधने, उसे मारने और उसके कान खींचने जैसी घटनाएं दिखाई देती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने CCTV रिकॉर्डिंग को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।
पुलिस ने मामले में POCSO Act और Juvenile Justice Act की संबंधित धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एक अटेंडेंट को गिरफ्तार किया जा चुका है। स्कूल की एक शिक्षिका को नोटिस दिए जाने के बाद निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। स्कूल के प्रिंसिपल और डायरेक्टर सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने स्कूल की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कराई। निरीक्षण के दौरान केवल बच्चे की सुरक्षा से जुड़े आरोप ही नहीं बल्कि भवन और अग्नि सुरक्षा से संबंधित कई कथित अनियमितताएं भी सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल के पास आवश्यक अनुमतियों और दस्तावेजों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
निरीक्षण में आपातकालीन निकास से जुड़ी समस्याएं और खराब अग्निशमन उपकरण जैसी कमियां भी सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद प्रशासन ने परिसर को सील करने की कार्रवाई की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार की ओर से बच्चे के परिवार को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस जांच जारी है, ताकि कथित दुर्व्यवहार में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट की जा सके।
बच्चे के परिवार का कहना है कि घटना के बाद उसका व्यवहार काफी बदल गया है। परिवार के अनुसार, वह डरने लगा है और छोटी-छोटी गलतियों पर भी ऐसा व्यवहार करता है जैसे उसे मार पड़ने वाली हो। इन दावों की पुष्टि विशेषज्ञों द्वारा अलग से की जानी बाकी है, लेकिन परिवार द्वारा बताए गए व्यवहार में बदलाव ने घटना की गंभीरता को और उजागर किया है।
इस घटना ने दिल्ली में निजी प्ले स्कूलों और डे-केयर सेंटरों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे बच्चे अक्सर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को स्पष्ट रूप से बता नहीं पाते। ऐसे में स्कूलों में CCTV निगरानी, कर्मचारियों का सत्यापन, सुरक्षित परिसर, शिकायत व्यवस्था और नियमित सरकारी निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। दोष साबित होने तक आरोपियों को कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जा सकता।
मौजपुर के निजी प्ले स्कूल में करीब साढ़े तीन साल के बच्चे से कथित शारीरिक और यौन दुर्व्यवहार के मामले में दिल्ली सरकार ने स्कूल को सील कर दिया है। पुलिस ने एक अटेंडेंट को गिरफ्तार किया है, जबकि एक शिक्षिका को निलंबित किया गया है। प्रिंसिपल, डायरेक्टर और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी है। निरीक्षण में स्कूल में कई सुरक्षा और भवन संबंधी खामियां भी सामmने आई हैं।
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