Last updated: September 2nd, 2026 at 10:36 am

पंजाब के चर्चित गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू मामले में बर्खास्त किए गए डीएसपी गुरशेर संधू को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पंजाब सरकार की ओर से उनकी सेवा समाप्त करने के आदेश को फिलहाल रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद संधू की पुलिस सेवा में वापसी का रास्ता खुल सकता है।
गुरशेर संधू को पंजाब सरकार ने 2 जनवरी 2025 को सेवा से बर्खास्त किया था। यह कार्रवाई खरड़ के सीआईए परिसर में लॉरेंस बिश्नोई के कथित इंटरव्यू से जुड़े मामले में की गई थी। इसके बाद संधू के खिलाफ कथित तौर पर फिरौती और भ्रष्टाचार से संबंधित मामले भी दर्ज हुए थे।
बर्खास्तगी के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे थे DSP
गुरशेर संधू ने अपनी बर्खास्तगी को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने दावा किया था कि इंटरव्यू के लिए उन्हें सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
संधू की दलील थी कि लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब लाए जाने के बाद उसकी हिरासत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के पास थी। खरड़ स्थित सीआईए परिसर में भी बिश्नोई की कस्टडी एजीटीएफ के अधीन होने की बात याचिका में कही गई थी। ऐसे में इंटरव्यू प्रकरण के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानकर बर्खास्त करना उचित नहीं था।
हाई कोर्ट के फैसले से क्या बदलेगा?
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद गुरशेर संधू की पुलिस सेवा में वापसी की संभावना बन गई है। हालांकि, मामले में उनकी वास्तविक स्थिति और आगे की प्रक्रिया हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश से और स्पष्ट होगी।
लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू प्रकरण पहले से ही पंजाब पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर विवाद का विषय रहा है। अब बर्खास्तगी आदेश पर हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
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