Last updated: September 27th, 2026 at 03:41 pm

दिल्ली के रोहिणी इलाके में डिलीवरी बॉय से लूट का एक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने दो बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने ग्राहक बनकर डिलीवरी कर्मचारी को निशाना बनाया और विरोध करने पर उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद दूसरी बहन स्कूटी से मौके पर पहुंची और डिलीवरी बॉय को पीछे से टक्कर मारकर गिरा दिया। दोनों इसके बाद उसके बैग से पार्सल लेकर फरार हो गईं।
पुलिस के अनुसार, घटना 25 सितंबर की शाम करीब 7:20 से 7:30 बजे के बीच रोहिणी सेक्टर-5 स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई। डिलीवरी कर्मचारी वहां पार्सल पहुंचाने गया था। इसी दौरान एक युवती ग्राहक बनकर उसके पास पहुंची। पुलिस का आरोप है कि उसने डिलीवरी बैग से पार्सल जबरन निकालने की कोशिश की।
डिलीवरी कर्मचारी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी युवती ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसी दौरान दूसरी युवती स्कूटी लेकर वहां पहुंची। पुलिस के मुताबिक, उसने डिलीवरी कर्मचारी को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गया और उसके पैर में चोट आई। इसके बाद दोनों युवतियां डिलीवरी बैग से कई पार्सल लेकर मौके से फरार हो गईं।
घटना के बाद डिलीवरी कर्मचारी की शिकायत पर बुध विहार थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ अन्य माध्यमों से जांच शुरू की। जांच के दौरान दोनों बहनों की पहचान सामने आई और पुलिस ने वारदात के करीब 15 घंटे के भीतर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय नैन्सी सिंह और 20 वर्षीय ग्रेसी सिंह के रूप में बताई गई है। दोनों करोल बाग की रहने वाली बहनें हैं। पुलिस के अनुसार, नैन्सी ने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है और फिलहाल बेरोजगार है, जबकि ग्रेसी ने 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी नहीं की है।
पुलिस ने दोनों के कब्जे से लूटे गए तीन पार्सल बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और मोबाइल फोन भी बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों ने इस वारदात की योजना कैसे बनाई थी और क्या उन्हें डिलीवरी कर्मचारी या पार्सल के बारे में पहले से कोई जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
इस घटना ने दिल्ली में डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। रोजाना अलग-अलग इलाकों में डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों को ग्राहकों के पते और पहचान के आधार पर अकेले स्थानों तक जाना पड़ता है। ऐसे में उनके साथ होने वाली लूट या हिंसा की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।
दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस बरामद पार्सल, स्कूटी, मोबाइल फोन और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इस वारदात के पीछे केवल लूट का उद्देश्य था या इसके लिए पहले से कोई विशेष योजना बनाई गई थी।
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