Last updated: July 27th, 2026 at 02:04 pm

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नशे और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने द्वारका जिले में विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर संदिग्ध गतिविधियों की जांच की और अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य राजधानी में नशीले पदार्थों और अवैध शराब की आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा संगठित तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि द्वारका जिला लंबे समय से नशे और अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। इसी क्रम में पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम को खुफिया सूचना मिली कि कुछ लोग राजधानी में बड़ी मात्रा में अवैध शराब की आपूर्ति करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर कई स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई।
अभियान के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब और नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि राजधानी में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अवैध शराब और नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और समाज की सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है। इसी कारण पुलिस ने सभी थानों और विशेष इकाइयों को ऐसे मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्रों और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि बाहरी राज्यों से होने वाली तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
अभियान के दौरान पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की। अधिकारियों ने नागरिकों से कहा कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध शराब की बिक्री या नशीले पदार्थों की तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि लगातार चल रहे ऐसे अभियानों से अपराधियों में डर पैदा होगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकेगा। कई लोगों ने पुलिस से स्कूलों और कॉलेजों के आसपास भी नियमित निगरानी रखने की मांग की।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ जनजागरूकता अभियान, स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी कार्यक्रम तथा परिवारों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी को नशा मुक्त बनाने के लिए आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार के विशेष अभियान जारी रहेंगे। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
द्वारका जिले में चलाए गए इस अभियान को दिल्ली पुलिस की अपराध नियंत्रण रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान और अधिक व्यापक स्तर पर जारी रहेंगे।
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