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दिल्ली में ₹44 लाख की लूट का खुलासा, कारोबारी का बेटा ही निकला साजिशकर्ता; दोस्त के साथ मिलकर रची थी वारदात

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक कैश कलेक्शन एजेंट से हुई ₹44 लाख की लूट के मामले में
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नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक कैश कलेक्शन एजेंट से हुई ₹44 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने कारोबारी के बेटे समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कारोबारी के बेटे ने अपने कर्ज को चुकाने के लिए कथित तौर पर अपने दोस्त के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी। घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

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    मामला पूर्वी दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके का है। पुलिस के मुताबिक, 52 वर्षीय जितेंद्र कुमार एक कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करते हैं। उन्होंने एक कारोबारी से ₹44 लाख की नकदी एकत्र की थी। यह रकम उन्हें कारोबारी की ओर से किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचानी थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और नकदी से भरा बैग कथित तौर पर लूटकर फरार हो गए।

    घटना बुधवार शाम की बताई गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की। शुरुआत में मामला एक सामान्य सड़क लूट जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को साजिश के पीछे परिचित लोगों के शामिल होने का शक हुआ।

    पुलिस के अनुसार, जिस कारोबारी से कैश कलेक्शन एजेंट ने रकम ली थी, वह तांबे के कारोबार से जुड़ा है। एजेंट नकदी लेकर आगे जा रहा था तभी बाइक सवार दो लोगों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए।

    जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अन्य उपलब्ध सूचनाओं का इस्तेमाल किया। जांचकर्ताओं को कथित तौर पर पता चला कि कारोबारी का बेटा प्रभय तिवारी, उम्र 26 वर्ष, इस पूरी योजना में शामिल था। पुलिस का आरोप है कि प्रभय ने अपने दोस्त सरब तिवारी, उम्र 21 वर्ष, के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। सरब मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का रहने वाला बताया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, प्रभय पर कर्ज था और वह उसे चुकाने के लिए पैसों की व्यवस्था करना चाहता था। इसी वजह से उसने कथित तौर पर अपने पिता के कारोबारी लेन-देन और नकदी की आवाजाही से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल किया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी को एजेंट के पास मौजूद ₹44 लाख की जानकारी कैसे मिली और वारदात की योजना कितने समय पहले बनाई गई थी।

    जांच में पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना में शामिल दोनों बाइक सवार कौन थे। पुलिस ने बताया कि लूट की वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस बाकी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कथित साजिशकर्ता पीड़ित कारोबारी परिवार से ही जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इससे पुलिस के लिए यह समझना जरूरी हो गया है कि आरोपी ने वारदात के लिए किस तरह जानकारी जुटाई और उसने अपने साथी के साथ किस तरह संपर्क किया।

    पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां लूट की रकम की बरामदगी के लिए भी प्रयास कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹44 लाख में से कितनी रकम आरोपियों के पास है और वारदात के बाद पैसा कहां भेजा या छिपाया गया।

    तकनीकी जांच में मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस इन रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों के बीच संपर्क और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    इस घटना ने दिल्ली में कैश कलेक्शन और नकदी ले जाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। बड़ी रकम लेकर चलने वाले एजेंट अक्सर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं। ऐसे मामलों में नकदी की आवाजाही से जुड़ी जानकारी का लीक होना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी रकम के कैश ट्रांजैक्शन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। जहां संभव हो वहां डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ नकदी ले जाने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रूट और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी अपनाई जा सकती है।

    पुलिस की जांच अभी जारी है और लूटी गई पूरी रकम की बरामदगी तथा वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। केवल गिरफ्तारी को दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता।

    दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके में कैश कलेक्शन एजेंट से ₹44 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने कारोबारी के बेटे प्रभय तिवारी और उसके साथी सरब तिवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कारोबारी के बेटे ने अपने कर्ज को चुकाने के लिए कथित तौर पर लूट की साजिश रची थी। एजेंट से नकदी लूटने वाले अन्य संदिग्धों की तलाश और रकम की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

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