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दिल्ली के सभी पार्कों का होगा सेफ्टी ऑडिट, एक हफ्ते में रिपोर्ट; पिंक पुलिस की तैनाती के निर्देश

  दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी क्षेत्र
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    दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी क्षेत्र स्थित अष्ट कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को यह ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

     

    उपराज्यपाल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली नगर निगम आयुक्त और दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के साथ बैठक की। बैठक में पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पार्कों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए। ऑडिट में रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस गश्त और साफ-सफाई जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

     

    प्रशासन के निर्देश के मुताबिक पार्कों के प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि सभी प्रमुख गेटों पर सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं या नहीं और सूर्यास्त के बाद पार्क के अंदर नियमित गश्त की व्यवस्था है या नहीं। इसके साथ ही अंधेरे वाले हिस्सों और ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है।

     

    दिल्ली पुलिस को पार्कों के आसपास बीट पेट्रोलिंग मजबूत करने के लिए भी कहा गया है। इसके तहत पार्कों के आसपास पिंक पुलिस कर्मियों की तैनाती पर जोर दिया गया है। स्थानीय पुलिस और बीट अधिकारियों को पार्कों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पार्कों के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देना है।

     

    अष्ट कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आई शुरुआती जानकारी में कई कमियां बताई गई हैं। जांच से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार पार्क के कुछ प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। कुछ हिस्सों में रोशनी की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं पाई गई और पार्क की सीमा दीवार के कुछ हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। कुछ गेटों पर सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं।

     

    अष्ट कुंज पार्क दिल्ली के बड़े पार्कों में शामिल है और इसका क्षेत्रफल करीब 142 एकड़ बताया गया है। इतने बड़े क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती माना जाता है। मौके की रिपोर्टों में सूर्यास्त के बाद पार्क के कई हिस्सों में रोशनी कम होने और कुछ स्थानों के अपेक्षाकृत सुनसान रहने की बात सामने आई। वहीं, दिल्ली विकास प्राधिकरण ने पार्क में सुरक्षा कर्मियों की निर्धारित व्यवस्था होने की बात कही है।

     

    पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम पार्क में 17 वर्षीय लड़की और उसका 17 वर्षीय दोस्त पहुंचे थे। पुलिस का आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और बाद में लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार इनमें से एक आरोपी को गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी। मामले की जांच जारी है।

     

    घटना के बाद पार्कों की सुरक्षा को लेकर अन्य विभागों की भूमिका भी तय की गई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण और नगर निगम को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी। अधिकारियों को स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और अन्य स्थानीय संस्थाओं से फीडबैक लेने के लिए भी कहा गया है, ताकि पार्कों से जुड़ी स्थानीय सुरक्षा समस्याओं की जानकारी मिल सके।

     

    सुरक्षा ऑडिट में केवल पुलिस की मौजूदगी ही नहीं, बल्कि पार्कों की भौतिक स्थिति भी देखी जाएगी। इसमें स्ट्रीट और पार्क लाइट की पर्याप्तता, प्रवेश-निकास बिंदुओं की निगरानी, सुरक्षा गार्डों की उपलब्धता, सीमा दीवारों की स्थिति और साफ-सफाई जैसे बिंदु शामिल हैं। अधिकारियों को ऐसी जगहों की पहचान करने को कहा गया है जहां अंधेरा या कमजोर निगरानी सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकती है।

     

    उपराज्यपाल कार्यालय के अनुसार, सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद ऑडिट में सामने आने वाली कमियों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल तत्काल निर्देशों में बेहतर रोशनी, नियमित पेट्रोलिंग, सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी और पार्कों के आसपास पिंक पुलिस की तैनाती प्रमुख हैं।

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