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दिल्ली-NCR में भारी बारिश से हाहाकार, 400 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित; गुरुग्राम में WFH की सलाह

नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में सोमवार की भारी बारिश के बाद मंगलवार को भी मौसम का असर जनजीवन पर दिखाई दिया।
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नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में सोमवार की भारी बारिश के बाद मंगलवार को भी मौसम का असर जनजीवन पर दिखाई दिया। तेज बारिश और आंधी के कारण दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव और यातायात की समस्या सामने आई। सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, जबकि 26 उड़ानें रद्द और 15 डायवर्ट की गईं।

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    भारी बारिश के कारण दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया। AIIMS, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, ITO, आरके पुरम और फिरोजशाह रोड समेत कई इलाकों में जलभराव की सूचना मिली। इससे सुबह और शाम के समय यातायात काफी प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को दिल्ली के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की। NCR के गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले समय में भी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं।

    गुरुग्राम में स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने और कार्यालयों तथा संस्थानों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था करने की सलाह दी। इसका उद्देश्य भारी जलभराव और यातायात के बीच लोगों की अनावश्यक आवाजाही कम करना था।

    गुरुग्राम में सोमवार की बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया था। सोहना रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगने की जानकारी सामने आई। जलभराव ने रोजाना दिल्ली और गुरुग्राम के बीच आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दीं।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर खराब मौसम का असर उड़ान संचालन पर भी पड़ा। सोमवार को 15 दिल्ली आने वाली उड़ानों को मौसम खराब होने के कारण दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट किया गया। इनमें अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं। एयरलाइनों ने यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने और अतिरिक्त यात्रा समय रखने की सलाह दी।

    भारी बारिश के कारण केवल सड़क और हवाई यातायात ही प्रभावित नहीं हुआ, बल्कि कई निचले इलाकों में घरों और दुकानों तक पानी पहुंचने की शिकायतें भी सामने आईं। ऐसे इलाकों में नगर निकायों की टीमों को पानी निकालने और लोगों की मदद के लिए तैनात किया गया।

    मौसम की इस स्थिति ने दिल्ली-NCR की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। कम समय में बड़ी मात्रा में बारिश होने पर कई नालों और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है। इसके कारण सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात बाधित होने की समस्या सामने आती है।

    दिल्ली में अगस्त के दौरान कुल बारिश भी सामान्य से अधिक दर्ज की गई है। 24 अगस्त तक सफदरजंग मौसम केंद्र पर अगस्त में 246.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो उस अवधि के सामान्य स्तर से लगभग 29 प्रतिशत अधिक थी। पालम और लोधी रोड जैसे मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बारिश के पीछे अलग-अलग मौसम प्रणालियों का प्रभाव रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत में बनी निम्न दबाव की स्थिति के बीच संपर्क से दिल्ली-NCR सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि बढ़ी।

    लगातार बारिश के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों में सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, इसलिए ऐसे स्थानों पर तेज गति से वाहन चलाना दुर्घटना का कारण बन सकता है।

    दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पानी में वाहन का संतुलन बिगड़ने के अलावा खुले मैनहोल, गड्ढे और टूटे सड़क किनारे दिखाई नहीं देने का खतरा रहता है।

    प्रशासन ने भी लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। जिन लोगों के लिए यात्रा जरूरी नहीं है, वे खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बच सकते हैं।

    एयरलाइनों ने भी यात्रियों को उड़ान की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। मौसम में अचानक बदलाव होने पर उड़ान के समय में देरी या रूट में बदलाव हो सकता है।

    बारिश ने दिल्ली-NCR में मानसून के दौरान शहरी बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है। जल निकासी, सड़क प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत ऐसे मौसम में सबसे अधिक महसूस होती है।

    प्रशासन की प्राथमिकता जलभराव वाले इलाकों में पानी की निकासी, यातायात को सामान्य करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमानों के आधार पर स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।

    दिल्ली-NCR में भारी बारिश ने सड़क, हवाई यातायात और सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सोमवार को 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, 26 रद्द और 15 डायवर्ट हुईं। गुरुग्राम में जलभराव को देखते हुए स्कूलों को ऑनलाइन और कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था करने की सलाह दी गई। मौसम विभाग ने क्षेत्र में आगे भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।

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