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दिल्ली SIR में 13.62 लाख मामलों का वेरिफिकेशन, 33 लाख से ज्यादा वोटरों को मिले नोटिस

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच चुनाव अधिकारियों ने
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दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच चुनाव अधिकारियों ने अब तक 13.62 लाख मामलों का सत्यापन पूरा कर लिया है। इन मामलों में ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनकी जानकारी में ‘नो मैपिंग’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसी स्थिति सामने आई थी। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के दौरान मतदाताओं से जरूरी दस्तावेज लिए जा रहे हैं और बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO कई मामलों में लोगों के घर जाकर प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।

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    दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इनमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जिनके रिकॉर्ड में कोई कमी, असंगति या अन्य जानकारी की पुष्टि की जरूरत थी। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति का नाम सीधे मतदाता सूची से हटा दिया गया है। संबंधित मतदाता को दस्तावेजों के जरिए अपनी पात्रता साबित करने का मौका दिया जा रहा है।

     

    वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेजी देने के लिए दिल्ली में करीब 14,947 बूथ लेवल अधिकारियों को रोजाना कम से कम 10 मतदाताओं का सत्यापन करने का लक्ष्य दिया गया है। इसका मतलब है कि रोजाना लगभग 1.5 लाख मतदाताओं के मामलों को निपटाने की क्षमता तैयार की जा रही है। BLO मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज और जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि लोगों को हर मामले में चुनाव कार्यालय जाने की जरूरत न पड़े।

     

    चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन का यह अभियान इसलिए भी तेज किया गया है क्योंकि शुरुआत में मामलों के निपटारे की गति अपेक्षाकृत कम थी। अब अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं, जहां मतदाता अपनी समस्या से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं और जरूरी फॉर्म जमा कर सकते हैं।

     

    SIR की प्रक्रिया में उन लोगों के लिए भी व्यवस्था की गई है जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है। चुनाव विभाग ने ऐसे पात्र लोगों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। BLO घर-घर जाकर यह पता कर रहे हैं कि कोई योग्य नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से छूट तो नहीं गया है। ऐसे लोगों को Form 6 के माध्यम से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने में मदद दी जा रही है।

     

    हाल ही में दिल्ली में कुछ इलाकों में हुई तोड़फोड़ और पुनर्वास के कारण विस्थापित हुए लोगों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे लोग अपना नया पता बताकर अपने नजदीकी विशेष कैंप में आवेदन कर सकते हैं। चुनाव विभाग ने इसके लिए 9 और 11 अक्टूबर को दिल्ली के मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित करने की घोषणा की है। इन कैंपों में पात्र नागरिकों को Form 6 भरने और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायता दी जाएगी।

     

    चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को SIR के दौरान नोटिस मिला है, उनके मामलों की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या जानकारी में सुधार से संबंधित दावे और आपत्तियां भी स्वीकार की जा रही हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर रखी गई है। इसके बाद अधिकारियों को सभी मामलों का निपटारा 30 नवंबर तक पूरा करना है।

     

    दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी होने वाली है। इसका मतलब है कि आने वाले करीब दो महीनों में चुनाव विभाग के सामने बड़ी संख्या में मामलों को जांचने और उनका फैसला करने की जिम्मेदारी होगी। इस दौरान मतदाताओं के दस्तावेज, पते और पात्रता से संबंधित जानकारी की जांच की जाएगी। जिन योग्य लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में छूट गए हैं, उन्हें भी प्रक्रिया के जरिए शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

     

    SIR को लेकर दिल्ली में राजनीतिक बहस भी लगातार जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव अधिकारी इसे मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बता रहे हैं। चुनाव आयोग की ओर से पात्र मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है, ताकि अंतिम सूची तैयार होने से पहले रिकॉर्ड में जरूरी सुधार किए जा सकें।

     

    दिल्ली में SIR की प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण सत्यापन और दावे-आपत्तियों का निपटारा है। 30 अक्टूबर तक आवेदन और आपत्तियां लेने के बाद नवंबर के अंत तक उनका निपटारा किया जाएगा। इसके बाद 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। ऐसे में आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने नए मतदाता सूची में जुड़ते हैं, कितने रिकॉर्ड में सुधार होता है और कितने मामलों में पात्रता की पुष्टि की जाती है।

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