Last updated: July 19th, 2026 at 03:06 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। इसके समय पर पूरा होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा का तत्काल समाधान किया जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल भवन, सड़क संपर्क, मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार विभिन्न चरणों का काम पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और निवेश का नया केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एयरपोर्ट के शुरू होने से निर्यात, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी बढ़ावा दे रही है ताकि अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके।
बैठक में अधिकारियों ने एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क और रेल संपर्क परियोजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यात्रियों को निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराने के लिए सभी कनेक्टिविटी परियोजनाओं को भी समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि किसी भी कारण से परियोजना की गति प्रभावित न हो।
सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एयर कार्गो, होटल, परिवहन, वेयरहाउसिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ने की संभावना है। इससे गौतम बुद्ध नगर और आसपास के जिलों के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है। इसके संचालन से दिल्ली-एनसीआर पर बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम होगा और उत्तर भारत में हवाई संपर्क और अधिक मजबूत होगा। इसके साथ ही विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित विभागों को नियमित समीक्षा करने और परियोजना के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य एयरपोर्ट परियोजना को तय समयसीमा में पूरा कर उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
![]()
Comments are off for this post.