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पटना समेत कई जिलों में प्रशासन अलर्ट, आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा की

बिहार में लगातार हो रही बारिश और कई नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन
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बिहार में लगातार हो रही बारिश और कई नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राजधानी पटना सहित कई जिलों में जिला प्रशासन ने संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की है। संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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    राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मौसम और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है और सभी जिलाधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

    पटना, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और अन्य संवेदनशील जिलों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिन क्षेत्रों में जलभराव की संभावना अधिक है, वहां स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खाद्यान्न, पीने का पानी, दवाइयां, तिरपाल, जीवनरक्षक जैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा नावों और मोटरबोटों को भी तैयार रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट पर रखा है। बारिश के मौसम में जलजनित और संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। जरूरत पड़ने पर मोबाइल मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने की भी तैयारी की गई है।

    नगर निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखी जाए और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। राजधानी पटना सहित कई शहरों में जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पंपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। बिजली विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल मरम्मत कार्य किया जाए।

    जल संसाधन विभाग लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है और जहां भी मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरंत जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की सलाह दी गई है।

    आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक भी आयोजित की, जिसमें राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर तत्काल शुरू किए जाएं और प्रभावित लोगों को भोजन, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

    बिहार में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार प्रशासन आगे की रणनीति तय करेगा।

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