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बरेली के नवोदय अस्पताल में आग, करीब 80 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में शनिवार सुबह नवोदय अस्पताल की चौथी मंजिल पर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच
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बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में शनिवार सुबह नवोदय अस्पताल की चौथी मंजिल पर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के बाद अस्पताल की इमारत में धुआं तेजी से फैलने लगा, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

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    यह घटना बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र में मिनी बाईपास रोड स्थित पांच मंजिला नवोदय अस्पताल में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक आग शनिवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल की चौथी मंजिल पर लगी। जिस समय आग लगी, उस समय अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की मौजूदगी थी। आग के बाद कुछ ही देर में ऊपरी मंजिल से धुआं अस्पताल के अन्य हिस्सों की ओर फैलने लगा।

    आग की सूचना मिलते ही अस्पताल में लगे फायर अलार्म सक्रिय हो गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को स्ट्रेचर की मदद से बाहर लाया गया, जबकि नवजात बच्चों और अन्य मरीजों को उनके परिजन तथा अस्पताल कर्मचारी सुरक्षित स्थान पर ले गए। इस दौरान अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन भी जमा हो गए।

    पुलिस और दमकल विभाग की टीमें सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। रिपोर्टों के अनुसार करीब 30 मिनट के भीतर आग को नियंत्रित कर लिया गया। इसके बाद इमारत की जांच की गई और मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी रखा गया।

    पुलिस के अनुसार अस्पताल में करीब 80 मरीज भर्ती थे। कुछ अन्य रिपोर्टों में अस्पताल के अंदर मरीजों और तीमारदारों समेत करीब 100 से 150 लोगों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या अलग होने के कारण प्रशासन द्वारा अंतिम आंकड़ा स्पष्ट किया जाना बाकी है। हालांकि सभी उपलब्ध रिपोर्टों में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की बात सामने आई है।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में MCV बॉक्स में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में AC से जुड़े शॉर्ट सर्किट की आशंका बताई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

    आग लगने के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मरीजों को दूसरे चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की। इसके लिए एंबुलेंस की मदद ली गई। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया ताकि धुएं और आग से उनकी स्थिति और खराब न हो।

    घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद परिजनों के बीच सबसे ज्यादा चिंता गंभीर रूप से बीमार मरीजों और नवजात बच्चों को लेकर रही। आग और धुएं के बीच कई परिजन अपने बच्चों को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दिए। अस्पताल कर्मचारियों ने भी बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

    दमकल विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर आग लगने की स्थिति में मरीजों को निकालना सामान्य इमारत की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि कई मरीज खुद चलने की स्थिति में नहीं होते। इस घटना में गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर से बाहर निकालना पड़ा।

    घटना के बाद अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। अधिकारियों द्वारा यह जांच किया जाना जरूरी होगा कि अस्पताल में फायर अलार्म, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अग्निशमन उपकरण सही स्थिति में थे या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि आग किस कारण से शुरू हुई और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था।

    फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आग लगने के कारणों का पता लगाना है। पुलिस तथा दमकल विभाग की टीमों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। आग से हुए नुकसान का भी आकलन किया जाएगा।

    अस्पताल में आग की यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य संस्थानों में मजबूत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को सामने लाती है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज रहते हैं जिन्हें आपात स्थिति में खुद बाहर निकलना मुश्किल होता है। इसलिए नियमित फायर ड्रिल, स्पष्ट निकासी मार्ग और अग्निशमन उपकरणों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है।

    बरेली के नवोदय अस्पताल की चौथी मंजिल पर शनिवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन आग की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद होगी। घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

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