Last updated: September 28th, 2026 at 03:31 pm

बिहार में रेल यात्रियों के लिए 28 सितंबर को बड़ा अपडेट सामने आया है। मोकामा के पास गंगा नदी पर स्थित राजेंद्र पुल पर चल रहे जरूरी तकनीकी काम के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। इस दौरान 35 ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि 33 ट्रेनों को उनके सामान्य मार्ग के बजाय दूसरे रास्ते से चलाया जा रहा है। इसके अलावा 9 ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त करने या किसी दूसरे स्टेशन से शुरू करने का फैसला लिया गया है।
रेलवे के इस बदलाव का असर पटना, मोकामा, बरौनी, किऊल, जयनगर और आसपास के कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर पड़ रहा है। लंबी दूरी की कई ट्रेनों के साथ-साथ स्थानीय और एक्सप्रेस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। ऐसे में जिन यात्रियों ने 28 सितंबर को इस रूट से यात्रा की योजना बनाई है, उनके लिए ट्रेन की ताजा स्थिति जांचना जरूरी हो गया है।
राजेंद्र पुल के पास यह काम नए रेल पुल को मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ने और उसे परिचालन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नया पुल पुराने राजेंद्र पुल के समानांतर बनाया गया है। इस नए पुल पर दोहरी रेल लाइन की सुविधा है, जिससे भविष्य में इस रेलखंड की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मौजूदा राजेंद्र पुल करीब 1.9 किलोमीटर लंबा रेल-सह-सड़क पुल है और वर्ष 1959 से सेवा में है। इस पुल पर रेलवे के लिए केवल एक लाइन उपलब्ध है। तकनीकी कारणों से मौजूदा पुल को डबल रेल लाइन में बदलना संभव नहीं था। इसी वजह से इसके समानांतर नया दोहरी रेल लाइन वाला पुल तैयार किया गया है।
नए पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं को नए ढांचे के साथ जोड़ा जाता है। काम के दौरान ट्रेनों का सामान्य परिचालन प्रभावित होने की वजह से रेलवे को कुछ सेवाएं रद्द करने और कुछ के मार्ग बदलने पड़े हैं।
रद्द की गई ट्रेनों में हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस, जयनगर-सीलदह एक्सप्रेस, मालदा टाउन-पटना एक्सप्रेस, बनारस-आरा एक्सप्रेस और पाटलिपुत्र-गोरखपुर एक्सप्रेस जैसी सेवाएं शामिल हैं। सीतामढ़ी-कोलकाता टर्मिनल और पटना-किऊल मेमू जैसी ट्रेनें भी प्रभावित सेवाओं में शामिल हैं।
कुछ ट्रेनों को रद्द करने के बजाय उनका मार्ग बदला गया है। इसका मतलब है कि ट्रेन अपने निर्धारित समय के आसपास चल सकती है, लेकिन वह सामान्य रूट से नहीं जाएगी। ऐसी स्थिति में यात्रियों के यात्रा समय और बीच के स्टेशनों पर ट्रेन के ठहराव में बदलाव हो सकता है। इसलिए केवल ट्रेन के चलने की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके नए रूट और स्टॉपेज की भी जांच करना जरूरी है।
इसके अलावा कुछ ट्रेनों को उनके निर्धारित अंतिम स्टेशन से पहले ही समाप्त किया गया है। कुछ सेवाओं को उनके सामान्य शुरुआती स्टेशन के बजाय किसी दूसरे स्टेशन से चलाने की व्यवस्था की गई है। इसका असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जिन्होंने आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन या परिवहन साधन की योजना बनाई है।
नए रेल पुल की परियोजना को वर्ष 2015-16 के रेल बजट में मंजूरी दी गई थी। इसकी अनुमानित लागत करीब 1,491.47 करोड़ रुपये बताई गई है। नया पुल मोकामा क्षेत्र के रेल नेटवर्क को अपर हाथीदह जंक्शन, ताल जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेगा।
नए पुल के चालू होने के बाद इस रेलखंड पर दोहरी लाइन उपलब्ध होगी। इससे ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने और भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुराने पुल पर मौजूद सिंगल लाइन की वजह से इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता सीमित रहती थी।
पुल से जुड़े काम के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने ट्रेनों के रद्द होने, मार्ग बदलने और परिचालन में अन्य बदलाव की जानकारी जारी की है। यात्रियों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस और नया मार्ग जरूर जांच लेना चाहिए, क्योंकि ट्रेन चलने की स्थिति में भी उसके निर्धारित स्टेशन और समय में बदलाव हो सकता है।
राजेंद्र पुल से जुड़ा यह काम पूरा होने के बाद बिहार के इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर दोहरी रेल लाइन की सुविधा बढ़ेगी। इससे मोकामा-बरौनी क्षेत्र में रेल परिचालन को अधिक क्षमता मिलने की उम्मीद है। फिलहाल काम पूरा होने तक यात्रियों को रेलवे की ओर से जारी परिचालन संबंधी अपडेट के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
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