Human Live Media

HomeNewsबिहार भवन निर्माण निगम के GM पर EOU की कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति मामले में चार ठिकानों पर छापेमारी

बिहार भवन निर्माण निगम के GM पर EOU की कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति मामले में चार ठिकानों पर छापेमारी

  बिहार में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) कमलेश कुमार
EOU-1-1790056601695

 

Table of Contents

    बिहार में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) कमलेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की है। मंगलवार, 22 सितंबर को EOU की अलग-अलग टीमों ने कमलेश कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई पटना और वैशाली में स्थित परिसरों के अलावा उनके सरकारी कार्यालय में भी की गई।

     

    EOU के अनुसार, प्रारंभिक सत्यापन में कमलेश कुमार की ज्ञात और वैध आय के मुकाबले करीब 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये की अतिरिक्त संपत्ति होने का प्रथम दृष्टया मामला सामने आया है। एजेंसी के मुताबिक यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 103.30 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसी आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया और अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई।

     

    जांच एजेंसी के मुताबिक कमलेश कुमार के खिलाफ EOU थाना कांड संख्या 24/26 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। एजेंसी अब उनकी आय, संपत्ति, निवेश, बैंक खातों और जमीन-मकान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

     

    EOU की टीमों ने जिन चार स्थानों पर तलाशी ली, उनमें वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र स्थित कमलेश कुमार का पैतृक आवास शामिल है। इसके अलावा पटना के नॉर्थ एसके पुरी इलाके में रामकृष्ण पथ स्थित मनमोहन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 302, राजीव नगर रोड नंबर 25C स्थित मेघा बिल्डिंग और बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के पटना स्थित कार्यालय में उनके आधिकारिक कक्ष की भी तलाशी ली गई।

     

    तलाशी के दौरान जांच टीम संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का ध्यान यह पता लगाने पर है कि कमलेश कुमार के नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर कितनी संपत्ति है और उसका उनकी घोषित तथा ज्ञात आय से क्या संबंध है। बैंक खातों, निवेश और जमीन-जायदाद से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

     

    EOU की कार्रवाई फिलहाल जांच के चरण में है। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टीम को किन दस्तावेजों या अन्य संपत्तियों से संबंधित जानकारी मिली है। एजेंसी की ओर से आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।

     

    आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर अधिकारी की ज्ञात आय और उसके नाम या उससे जुड़े स्रोतों से मिली संपत्ति के बीच अंतर की जांच करती हैं। इस मामले में भी EOU प्रारंभिक सत्यापन में सामने आए करीब 3.12 करोड़ रुपये के कथित अंतर से संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है।

     

    कमलेश कुमार बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड से जुड़े अधिकारी हैं। निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर कमलेश कुमार का नाम महाप्रबंधक के रूप में सूचीबद्ध है।

     

    EOU की चार स्थानों पर तलाशी जारी कार्रवाई का हिस्सा है और मामले में जांच आगे बढ़ रही है। छापेमारी से जुड़ी बरामदगी तथा अन्य वित्तीय विवरणों की अंतिम तस्वीर तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

    Loading

    Comments are off for this post.