Last updated: May 23rd, 2026 at 02:18 pm

देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि महंगाई ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को घेरा। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़े हैं, जिससे परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ना तय है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश में बेरोजगारी और महंगाई दोनों तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन इसके उलट जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ाया जा रहा है। पार्टी ने केंद्र से पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स कम करने की मांग की है।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के बावजूद देश में ईंधन की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स के कारण आम जनता को महंगा पेट्रोल और डीजल खरीदना पड़ रहा है।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है और रसोई से लेकर यात्रा तक हर चीज महंगी हो चुकी है।
उधर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण ईंधन की कीमतों पर असर पड़ता है। सरकार लगातार आर्थिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई का मुद्दा आने वाले समय में विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। कई राज्यों में चुनावी माहौल को देखते हुए विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है।
आम जनता के बीच भी महंगाई को लेकर नाराजगी दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार बढ़ती कीमतों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ट्रांसपोर्ट और व्यापार से जुड़े संगठनों ने भी सरकार से राहत की मांग की है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार यदि ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है तो इसका असर खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सरकार के सामने महंगाई को नियंत्रित रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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