Last updated: May 20th, 2026 at 01:30 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य में कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने विकास योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।
लखनऊ में आयोजित इस बैठक में गृह विभाग, पुलिस प्रशासन और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और निवेश परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है और जनता को सुरक्षित माहौल देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई जाए और संगठित अपराध पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील जिलों में गश्त बढ़ाई जाए और महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान विकास परियोजनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाओं, औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के लक्ष्य के लिए तेजी से काम करना जरूरी है।
सरकार की ओर से दावा किया गया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और कई बड़ी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए Yogi Adityanath सरकार प्रशासनिक सक्रियता बढ़ा रही है। भाजपा राज्य में कानून व्यवस्था और विकास को प्रमुख मुद्दों के रूप में पेश कर रही है। वहीं विपक्ष लगातार बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं ने बैठक के बाद सरकार के दावों पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अपराध की घटनाएं अभी भी चिंता का विषय हैं और कई विकास योजनाएं जमीन पर अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही हैं। हालांकि भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री की बैठक और निर्देशों को लेकर काफी चर्चा देखने को मिली। भाजपा समर्थकों ने इसे सख्त प्रशासनिक रवैया बताया, जबकि विपक्षी समर्थकों ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए।
फिलहाल उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर और सख्ती देखने को मिल सकती है, क्योंकि सरकार राज्य में विकास और सुरक्षा दोनों मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत दिखाना चाहती है।
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