Last updated: November 4th, 2026 at 02:34 pm

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां नाला निर्माण के दौरान भूमिगत पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। विस्फोट के कारण आसपास के कई मकानों, दुकानों और वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
यह घटना मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोबरसही-डुमरी रोड स्थित साहू चौक के पास हुई। सोमवार, 2 नवंबर को दोपहर करीब 12:20 बजे नाला निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई करते समय जमीन के नीचे से गुजर रही PNG गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटने के बाद गैस का रिसाव शुरू हो गया और कुछ ही देर में अचानक आग लगने के साथ जोरदार विस्फोट हो गया।
धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद आसपास के मकानों और वाहनों में आग लग गई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। मृतक की पहचान श्रीनिवास सिंह के रूप में हुई है, जो एक कोचिंग सेंटर संचालित करते थे। बताया गया कि घटना के समय वह स्कूटी से गुजर रहे थे। विस्फोट की चपेट में आने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
प्रारंभिक रिपोर्टों में छह से सात घायलों की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में पुलिस और प्रशासन की ओर से घायलों की संख्या बढ़कर 12 बताई गई। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के लगभग 50 मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई। कई मकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जबकि कुछ इमारतों की दीवारों में दरारें आ गईं। एक चार मंजिला इमारत भी विस्फोट से प्रभावित हुई। इसके अलावा एक थार गाड़ी, डाक विभाग की पार्सल वैन, कई मोटरसाइकिल और निर्माण कार्य में लगी जेसीबी मशीन आग की चपेट में आ गईं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के घरों को खाली कराया गया और प्रभावित इलाके में लोगों की आवाजाही नियंत्रित कर दी गई।
जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के साथ नुकसान का आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों और घायलों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की थी। समिति को घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया गया। वहीं पुलिस ने भी मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
3 नवंबर को मामले की जांच के लिए पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) भी गठित की गई। इसका नेतृत्व सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी कर रहे हैं। टीम यह पता लगाएगी कि खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद गैस रिसाव को रोकने के लिए समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी।
इस घटना ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भूमिगत गैस पाइपलाइन के आसपास खुदाई करने से पहले संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और पाइपलाइन की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
मुजफ्फरपुर का यह हादसा एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है। यदि निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी होती है, तो इसका खामियाजा आम नागरिकों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ सकता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
![]()
Comments are off for this post.