Human Live Media

HomeNewsदिल्ली मेट्रो और नमो भारत ने बढ़ाए फेरे, प्रदूषण से राहत के लिए रोजाना चलेंगी अतिरिक्त ट्रेनें

दिल्ली मेट्रो और नमो भारत ने बढ़ाए फेरे, प्रदूषण से राहत के लिए रोजाना चलेंगी अतिरिक्त ट्रेनें

  दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए दिल्ली मेट्रो और नमो
cover_1793767650834

 

Table of Contents

    दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए दिल्ली मेट्रो और नमो भारत ट्रेन ने अपनी सेवाओं में बढ़ोतरी की है। राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के लागू होने के बाद यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से दोनों परिवहन सेवाओं में अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं शुरू की गई हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए हैं, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने नमो भारत कॉरिडोर पर 20 अतिरिक्त यात्राएं शुरू की हैं।

     

    प्रशासन का मानना है कि अतिरिक्त सेवाओं से निजी वाहनों पर लोगों की निर्भरता कम होगी। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या और उनसे निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। दिल्ली और आसपास के शहरों में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया है।

     

    दिल्ली मेट्रो ने पहले 22 अक्टूबर से GRAP के पहले चरण के दौरान 20 अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं शुरू की थीं। इसके बाद प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने तथा GRAP के दूसरे चरण के लागू होने पर DMRC ने 3 नवंबर से 20 और अतिरिक्त यात्राएं जोड़ दीं। इस तरह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर सामान्य सेवाओं के अतिरिक्त कुल 40 ट्रेन यात्राएं संचालित की जा रही हैं।

     

    DMRC के अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त सेवाएं सोमवार से शुक्रवार तक चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य सुबह और शाम के व्यस्त समय में यात्रियों को बेहतर सुविधा देना है। मेट्रो में अतिरिक्त फेरे बढ़ने से यात्रियों को ट्रेन के लिए ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करना आसान होगा।

     

    दूसरी तरफ, नमो भारत ट्रेन के यात्रियों के लिए भी अच्छी खबर है। NCRTC ने 4 नवंबर से दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर 20 अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं शुरू कर दी हैं। ये अतिरिक्त सेवाएं दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक पूरे कॉरिडोर पर संचालित की जा रही हैं।

     

    नमो भारत की अतिरिक्त सेवाओं का फायदा दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को मिलेगा। इस कॉरिडोर पर बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी और कारोबारी सफर करते हैं। अतिरिक्त यात्राओं से यात्रियों को अपनी सुविधानुसार ट्रेन चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे।

     

    NCRTC के मुताबिक, नमो भारत कॉरिडोर को दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों और स्थानीय बस सेवाओं के साथ जोड़ा गया है। सराय काले खां, आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को दूसरे परिवहन साधनों से भी कनेक्टिविटी मिलती है। इससे दिल्ली-NCR के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचना आसान होता है।

     

    दरअसल, दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण की समस्या हर साल गंभीर हो जाती है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, औद्योगिक गतिविधियां और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। हवा की गति कम होने पर प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा होने लगते हैं, जिससे सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

     

    इसी स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर से दिल्ली-NCR में GRAP के दूसरे चरण को लागू किया था। इसके तहत पार्किंग शुल्क बढ़ाने, सड़कों पर पानी का छिड़काव करने, एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाने और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर कार्रवाई जैसे उपाय किए जा रहे हैं।

     

    दिल्ली मेट्रो और नमो भारत की अतिरिक्त सेवाओं को भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी दैनिक यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

     

    हालांकि, केवल अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से प्रदूषण की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। इसके लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करना, सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर बनाना और प्रदूषण फैलाने वाले अन्य स्रोतों पर नियंत्रण करना भी जरूरी है।

     

    दिल्ली मेट्रो और नमो भारत की अतिरिक्त यात्राओं से रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में इन सेवाओं की उपयोगिता और यात्रियों की संख्या से यह पता चलेगा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की यह पहल प्रदूषण नियंत्रण में कितनी प्रभावी साबित होती है।

    Loading

    Comments are off for this post.