Last updated: September 23rd, 2026 at 01:44 pm

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को कराई जाएगी। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक चुनाव की प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। इन 11 सीटों में पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
चुनाव के लिए औपचारिक अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद चुनाव मैदान में रहने वाले उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
23 अक्टूबर को मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों और चुनाव सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू होगी। निर्वाचन आयोग ने 31 अक्टूबर तक पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त करने की समयसीमा तय की है।
जिन 11 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त होना है।
विधान परिषद के इन चुनावों की प्रक्रिया विधानसभा चुनावों से अलग होती है। सामान्य विधानसभा चुनावों की तरह सभी मतदाता इन सीटों पर मतदान नहीं करते। संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग मतदाता सूची होती है और केवल उन सूचियों में पंजीकृत पात्र मतदाता ही मतदान कर सकते हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र मतदाताओं के लिए संबंधित शैक्षणिक योग्यता और अन्य निर्धारित शर्तें लागू होती हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था है। इसलिए इन चुनावों में मतदान करने के लिए सामान्य मतदाता सूची में नाम होना पर्याप्त नहीं है। संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की विशेष मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में आदर्श आचार संहिता के संबंधित प्रावधान लागू हो गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर राज्य के अन्य जिलों में इस चुनाव से संबंधित आचार संहिता प्रभावी है।
इन चुनावों का राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 100 सदस्यीय विधान परिषद है। मौजूदा स्थिति में समाजवादी पार्टी के 10 सदस्य हैं, जबकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सदस्यों की संख्या अधिक है। इन 11 सीटों के चुनाव के बाद परिषद में विभिन्न दलों की संख्या में बदलाव हो सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
चुनाव से पहले उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद राजनीतिक दल और उम्मीदवार औपचारिक रूप से चुनावी प्रक्रिया में प्रवेश करेंगे। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों की स्थिति सामने आएगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
इन चुनावों के साथ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए भी चुनाव प्रक्रिया चल रही है। राज्यसभा चुनाव में 16 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि विधान परिषद की 11 सीटों के लिए एक सप्ताह बाद 23 अक्टूबर को मतदान होगा। इस तरह अक्टूबर में राज्य के राजनीतिक और चुनावी कार्यक्रम में लगातार गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। उम्मीदवारों के नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशियों की अंतिम सूची स्पष्ट होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
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