Last updated: July 14th, 2026 at 02:47 pm

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने बिहार में पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को बेहतर ढंग से विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेली-टूरिज्म सेवा की शुरुआत की है।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार भगवान बुद्ध, महावीर, गुरु गोबिंद सिंह, नालंदा, राजगीर, बोधगया और वैशाली जैसी विश्वप्रसिद्ध विरासतों की भूमि है। यदि इन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान बनाई जाए और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं, तो राज्य में पर्यटन उद्योग को नई गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग, परिवहन और छोटे कारोबारों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह बिहार की संस्कृति, इतिहास और विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम है। राज्य के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
जदयू नेताओं का कहना है कि पिछले वर्षों में बिहार में सड़क, पुल, हवाई संपर्क और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास से पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिला है। नई हेली-टूरिज्म सेवा से पर्यटक कम समय में कई प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बिहार के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पर्यटन विकास लंबे समय से जदयू की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उनका मानना है कि यदि पर्यटन परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।
नीतीश कुमार ने युवाओं से भी पर्यटन क्षेत्र में नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि होटल प्रबंधन, ट्रैवल सेवाएं, स्थानीय हस्तशिल्प, गाइड सेवा और डिजिटल पर्यटन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र से भी पर्यटन अवसंरचना में निवेश करने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाते हैं, तो बिहार आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क, हवाई सेवाएं और नई पर्यटन परियोजनाएं राज्य की आर्थिक प्रगति को भी गति देंगी।
बिहार में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी हैं। जदयू का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
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