Last updated: July 14th, 2026 at 02:50 pm

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की कथित हेराफेरी के मुद्दे को लेकर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम भक्तों की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ने और प्रधानमंत्री के नाम भेजे जाने वाले हस्ताक्षर पत्र पर समर्थन देने की अपील की।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
AAP ने अभियान की शुरुआत दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ के साथ की। पार्टी नेताओं ने कहा कि देशभर में कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से हस्ताक्षर करवाएंगे और बाद में इन हस्ताक्षरों को प्रधानमंत्री के नाम भेजा जाएगा। केजरीवाल ने लोगों से अपने घरों और स्थानीय मंदिरों में भी सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का आयोजन करने तथा अभियान में शामिल होने की अपील की।
इस अभियान के दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यदि दान राशि में अनियमितता हुई है तो इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, क्योंकि करोड़ों लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ दान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दोषी को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने AAP के इस अभियान को राजनीतिक बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी धार्मिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने आरोप लगाया कि चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। वहीं, AAP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका उद्देश्य केवल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इधर, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने अपने इस्तीफे की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया चल रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे पहले विशेष जांच दल (SIT) ने कथित अनियमितताओं से जुड़े कई प्रक्रियागत और सुरक्षा संबंधी मुद्दों की ओर भी संकेत किया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है। एक ओर विपक्ष इस मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं सत्तापक्ष जांच प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहा है। ऐसे में यह विवाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ने की संभावना रखता है।
AAP ने स्पष्ट किया है कि उसका हस्ताक्षर अभियान देशभर में जारी रहेगा और बड़ी संख्या में नागरिकों से समर्थन जुटाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि अभियान के पूरा होने के बाद सभी हस्ताक्षर प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई जाएगी।
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