Last updated: August 15th, 2026 at 04:39 pm

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पहुंचकर देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचने पर सैन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैनिकों को नमन किया।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक देश के उन सैनिकों की स्मृति को समर्पित है जिन्होंने विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों के दौरान देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। यहां शहीदों के नाम दर्ज हैं और यह स्थान देश के सैन्य इतिहास तथा सैनिकों के बलिदान की याद दिलाता है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति का युद्ध स्मारक पहुंचना राष्ट्रीय सुरक्षा और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्रपति ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा में सशस्त्र बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान सैन्य अधिकारियों और जवानों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। समारोह में देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
भारत में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें राष्ट्रीय ध्वजारोहण, देशभक्ति कार्यक्रम और शहीदों को श्रद्धांजलि प्रमुख हैं।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के मुख्य राष्ट्रीय आयोजनों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
राष्ट्रपति ने देशवासियों से स्वतंत्रता के मूल्यों और संविधान में निहित आदर्शों को मजबूत करने की अपील भी की। देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
सशस्त्र बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। बर्फीले पहाड़ों से लेकर रेगिस्तानी क्षेत्रों और समुद्री सीमाओं तक सैनिक लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
देश की सुरक्षा में केवल सक्रिय सैनिक ही नहीं बल्कि उनके परिवार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ड्यूटी के दौरान किसी जवान के शहीद होने पर परिवार को बड़ी व्यक्तिगत क्षति का सामना करना पड़ता है।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक ऐसे सभी बलिदानों को राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बनाता है। यहां आने वाले लोगों को सैनिकों के योगदान और उनके सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा देश के सैन्य बलों के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति स्वतंत्रता दिवस से जुड़े अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुईं। राजधानी में दिनभर राष्ट्रीय पर्व से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। यह कार्यक्रम देश की सुरक्षा, स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक रहा।
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