Last updated: July 19th, 2026 at 03:16 pm

उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में गंगा तट के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्ययोजना पर काम तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन विभाग, नगर विकास विभाग, सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और नदी तट के समग्र विकास से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य वाराणसी को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत प्रमुख घाटों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों को बेहतर बनाया जाएगा, प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, पेयजल, शौचालय और बैठने की सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
बैठक में गंगा नदी में संचालित नौका सेवाओं की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नाव संचालन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही घाटों पर भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। सरकार का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
पर्यटन विभाग ने बताया कि वाराणसी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके तहत गंगा आरती, काशी के प्राचीन मंदिरों, सांस्कृतिक आयोजनों और स्थानीय हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा पर्यटकों के लिए डिजिटल गाइड, बहुभाषी सूचना प्रणाली और ऑनलाइन सुविधा प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि गंगा तट विकास परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। वाराणसी में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, इसलिए बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक सुविधाओं का समन्वय वाराणसी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। उनका कहना है कि स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और विरासत संरक्षण पर समान रूप से ध्यान देने से शहर का सतत विकास संभव होगा। साथ ही स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी इन परियोजनाओं की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य वाराणसी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार को नई गति मिल सके।
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