Last updated: July 19th, 2026 at 03:19 pm

दिल्ली सरकार ने राजधानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली यमुना नदी की सफाई परियोजना के अगले चरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों और एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड (DJB), नगर निगम (MCD), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सीवेज प्रबंधन, नालों के उपचार, प्रदूषण नियंत्रण और नदी के किनारों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यमुना की सफाई केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि राजधानी के पर्यावरण और करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न होने दें। साथ ही प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी कर समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि यमुना में गिरने वाले बड़े नालों के उपचार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाने तथा बिना उपचार वाले गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके अलावा पुराने सीवर नेटवर्क के सुधार और नई पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सरकार का उद्देश्य नदी में प्रदूषण के स्तर को चरणबद्ध तरीके से कम करना है।
यमुना तट के विकास और सौंदर्यीकरण पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नदी किनारे स्वच्छता, हरित क्षेत्र का विस्तार, पैदल मार्ग और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाए। सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना की सफाई केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए सीवेज प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण और जनजागरूकता जैसे कई क्षेत्रों में एक साथ काम करना आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि सभी एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य करें तो आने वाले वर्षों में यमुना की जल गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि परियोजनाओं की प्रगति की नियमित रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए और जहां भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं हों, उनका तत्काल समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी के नागरिकों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त यमुना उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
दिल्ली सरकार ने यमुना सफाई अभियान को और गति देने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट समयसीमा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर सीवेज प्रबंधन और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से यमुना नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दिल्लीवासियों को भी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
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