Last updated: July 11th, 2026 at 11:43 am

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद भारत द्वारा चलाए गए मानवीय राहत अभियान ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। मिशन की समाप्ति पर वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में भारत ने सच्चे मित्र की भूमिका निभाई। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी मिशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभियान दोनों देशों के बीच मजबूत मित्रता और मानवीय सहयोग का प्रतीक है।
ऑपरेशन अमिस्ताद की शुरुआत 26 जून को वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद की गई थी। भारत ने राहत और बचाव कार्यों के लिए भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान रवाना किए। इन विमानों के माध्यम से भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट के 41 सदस्यीय चिकित्सा दल को वेनेजुएला भेजा गया। दल में सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। इसके साथ दो BHISHM Cube पोर्टेबल अस्पताल, लगभग 30 टन राहत सामग्री तथा 6 टन दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भी भेजे गए।
भारतीय चिकित्सा दल ने प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कई दिनों तक राहत कार्य चलाए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय फील्ड हॉस्पिटल ने सैकड़ों भूकंप प्रभावित लोगों का इलाज किया और 8,000 से अधिक चिकित्सा प्रक्रियाएं एवं जांच कीं। इसके अलावा 20 से अधिक बड़े ऑपरेशन भी सफलतापूर्वक किए गए। भारतीय डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों ने चौबीसों घंटे सेवा देकर गंभीर रूप से घायल मरीजों को नई जिंदगी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वेनेजुएला सरकार ने भारतीय दल की पेशेवर कार्यशैली और त्वरित सहायता की खुलकर सराहना की। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद संदेश भेजते हुए कहा कि भारत ने संकट की घड़ी में जिस संवेदनशीलता और तेजी से सहायता पहुंचाई, उसे वेनेजुएला हमेशा याद रखेगा। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी वेनेजुएला सरकार द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग भविष्य में भी जारी रहेगा।
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन अमिस्ताद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर भारत की “फर्स्ट रिस्पॉन्डर” की भूमिका को मजबूत किया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने नेपाल, तुर्किये, म्यांमार, श्रीलंका और अन्य देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी त्वरित राहत अभियान चलाए हैं। वेनेजुएला मिशन ने यह दिखाया कि भारत केवल अपने क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवीय संकट आने पर सहायता पहुंचाने की क्षमता और इच्छाशक्ति रखता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन अमिस्ताद केवल राहत अभियान नहीं बल्कि भारत की मानवीय कूटनीति का भी महत्वपूर्ण उदाहरण है। इससे लैटिन अमेरिकी देशों के साथ भारत के संबंधों को नई मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही यह मिशन भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय और आपदा प्रबंधन क्षमता का भी उदाहरण बनकर सामने आया है।
ऑपरेशन अमिस्ताद के सफल समापन के बाद भारतीय राहत दल स्वदेश लौट आया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी वेनेजुएला को किसी अतिरिक्त मानवीय सहायता की आवश्यकता होगी, तो वह हरसंभव सहयोग के लिए तैयार रहेगा। इस अभियान ने एक बार फिर दुनिया के सामने यह संदेश दिया है कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के अनुरूप वैश्विक मानवीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
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