Last updated: July 11th, 2026 at 11:37 am

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित संगठनात्मक समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
बैठक में अखिलेश यादव ने जिला और महानगर इकाइयों के पदाधिकारियों को संगठन को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जाए और जनता की स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाए। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया के साथ-साथ घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाने का भी आह्वान किया। पार्टी का कहना है कि पीडीए अभियान के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। पार्टी ने जिला इकाइयों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर युवा सम्मेलन, महिला संवाद कार्यक्रम और सामाजिक न्याय सम्मेलन आयोजित किए जाएं। सपा का मानना है कि नए मतदाताओं तक पहुंच बनाना आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी के इस अभियान को चुनावी राजनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि जनता केवल नारों से प्रभावित नहीं होगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार विकास, कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है तथा जनता सरकार के कार्यों के आधार पर अपना निर्णय करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव को देखते हुए अपने सामाजिक आधार को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पीडीए अभियान के जरिए पार्टी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ-साथ युवाओं को भी जोड़ने का प्रयास कर रही है। वहीं भाजपा, बसपा और कांग्रेस भी अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति आने वाले महीनों में और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
समाजवादी पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह चुनावी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से पार्टी पूरे प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 का चुनाव नजदीक आएगा, प्रदेश में सभी प्रमुख दलों की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होती जाएंगी।
![]()
Comments are off for this post.