Last updated: September 24th, 2026 at 03:13 pm

बिहार के समस्तीपुर जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर सार्वजनिक स्थान पर अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास का है। प्रथमदृष्टया वीडियो में दिखाई दे रही लड़की नाबालिग प्रतीत हो रही है।
पुलिस को 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया निगरानी के दौरान इस घटना से संबंधित वीडियो की जानकारी मिली। वीडियो के तकनीकी सत्यापन के बाद पुलिस ने घटनास्थल की पहचान जगतसिंहपुर गांव के पास बांध की सड़क के रूप में की। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो में तीन-चार युवक एक लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। घटना वास्तविक रूप से लगभग एक सप्ताह पहले हुई होने की बात पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लड़की एक युवक के साथ वहां पहुंची थी और दोनों सड़क के किनारे तस्वीरें लेने के लिए रुके थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। वायरल वीडियो में लड़की के साथ बदसलूकी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियों और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच अभी पुलिस कर रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता की पहचान सामने आने का इंतजार किए बिना अपने स्तर से प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब वीडियो, घटनास्थल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने की कोशिश शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर घटना में अन्य लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो किसने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर किस परिस्थिति में प्रसारित किया गया। पुलिस यह भी देख रही है कि वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोग घटना में शामिल थे या मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी थे। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई जांच से सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से विशेष अपील की है कि घटना से संबंधित वीडियो, तस्वीर या ऐसी कोई सामग्री साझा न करें जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना या ऐसी सामग्री को प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। इसलिए सोशल मीडिया पर वीडियो को आगे साझा करने से बचने की सलाह दी गई है।
समस्तीपुर की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बिहार के जमुई में भी नाबालिगों से जुड़ी सार्वजनिक बदसलूकी का मामला चर्चा में है। दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर कम होने के कारण सोशल मीडिया पर उनकी तुलना की जा रही है, लेकिन दोनों मामलों की जांच अलग-अलग चल रही है और किसी भी समानता को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। समस्तीपुर मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।
पुलिस की कार्रवाई का अगला चरण घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना और उपलब्ध डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों की जांच करना है। चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय वहां और कौन लोग मौजूद थे। मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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