Last updated: July 16th, 2026 at 12:16 pm

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाल ही में कराए गए व्यापक तकनीकी सर्वे के आधार पर कई स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त जांच में कुछ स्कूल भवनों को पूरी तरह सुरक्षित पाया गया, जबकि कई इमारतों में संरचनात्मक कमियां सामने आने के बाद उन्हें मरम्मत योग्य तथा कुछ मामलों में पुनर्निर्माण योग्य श्रेणी में रखा गया है। सरकार का कहना है कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार राजधानी के विभिन्न जिलों में स्थित सरकारी स्कूलों की इमारतों का चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण कराया गया। इस दौरान भवनों की दीवारों, छतों, बीम, स्तंभों, विद्युत व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली का तकनीकी मूल्यांकन किया गया। जिन भवनों में संरचनात्मक कमजोरी पाई गई है, उनके लिए अलग-अलग श्रेणियों में कार्ययोजना तैयार की गई है। कुछ स्कूलों में केवल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाएगा, जबकि अत्यधिक जर्जर भवनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि किसी भी स्कूल में पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जिन स्कूलों में पुनर्निर्माण का कार्य होगा, वहां छात्रों की कक्षाएं अस्थायी भवनों या निकटवर्ती सरकारी विद्यालयों में संचालित की जा सकती हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार नई इमारतों का निर्माण आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा। इनमें बेहतर वेंटिलेशन, स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, अग्नि सुरक्षा प्रणाली और वर्षा जल निकासी की उन्नत व्यवस्था शामिल होगी। इसके साथ ही ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भवन निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की भी योजना बनाई गई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित और आधुनिक विद्यालय भवन अत्यंत आवश्यक हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रों को बेहतर वातावरण, पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षित परिसर मिलता है तो उनकी सीखने की क्षमता और विद्यालय में नियमित उपस्थिति दोनों में सुधार देखने को मिलता है। विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि भविष्य में सभी सरकारी स्कूलों का नियमित अंतराल पर संरचनात्मक ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान की जा सके।
दिल्ली सरकार ने लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे हों तथा किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। परियोजनाओं की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।
सरकार का कहना है कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को आधुनिक और सुरक्षित शिक्षा परिसरों में बदलना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पुराने भवनों का पुनर्विकास, नई सुविधाओं का निर्माण और आधारभूत ढांचे का व्यापक आधुनिकीकरण किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तथा दिल्ली की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
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