Last updated: September 20th, 2026 at 02:28 pm
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से बरामद 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने मामले में एक के बाद एक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अब जांच का दायरा सहारनपुर से आगे बढ़कर रुड़की तक पहुंच गया है, जहां एजेंसी ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया था। सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई थी। बरामद नकली नोटों की फेस वैल्यू करीब 17.29 करोड़ रुपये बताई गई। इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की गई और बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंप दी गई।
शुरुआती जांच में बैंक से जुड़े तीन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद बैंक ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। पुलिस ने 29 अगस्त को सदर बाजार थाने में मामला दर्ज किया था। एनआईए ने 3 सितंबर को मामले को अपने हाथ में लेकर अलग से जांच शुरू की। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच के दौरान एनआईए ने 7 सितंबर को अमित कुमार नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 16 सितंबर को आदेश चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया। आदेश चौधरी पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में संविदा पर ड्राइवर के रूप में काम करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच बैंक अधिकारियों तक सीमित न रहकर नकदी के रखरखाव और आवाजाही से जुड़े लोगों तक भी पहुंच गई।
अब 20 सितंबर को सामने आए ताजा घटनाक्रम में एनआईए की टीम रुड़की पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ टीम ने एक घर में छापेमारी की। रिपोर्ट के अनुसार, घर अंदर से बंद था, जिसके बाद टीम आसपास की छतों के रास्ते अंदर पहुंची और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। उस व्यक्ति की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। उसे पूछताछ के लिए एक गोपनीय स्थान पर ले जाया गया।
जांच के दौरान घर में मौजूद एक महिला और बच्ची से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। पूछताछ के बाद दोनों को घर वापस छोड़ दिया गया। एनआईए की टीम कई वाहनों के साथ रुड़की पहुंची थी और कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर इस अभियान पर रही।
पूरे मामले में जांच एजेंसी अब नकली नोटों के स्रोत, उनके करेंसी चेस्ट तक पहुंचने के तरीके और संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि बैंकिंग व्यवस्था में नकली मुद्रा को खपाने या उसके इस्तेमाल की कोई योजना थी या नहीं। इसके अलावा मामले में सामने आए आरोपियों के बीच संभावित संपर्क और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले में जांच जारी है और एनआईए की कार्रवाई के साथ इसके दायरे में और लोगों के आने की संभावना है। रुड़की में हुई ताजा कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट है कि जांच अब सहारनपुर की बैंक करेंसी चेस्ट से आगे बढ़कर उससे जुड़े संभावित संपर्कों और नकदी की आवाजाही तक पहुंच गई है। एजेंसी आगे की पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
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