Last updated: June 29th, 2026 at 03:32 pm

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को देशभर में तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने बेरोजगारी, शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए कांग्रेस को इन मुद्दों को प्राथमिकता के साथ जनता के बीच उठाना चाहिए। राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को लिखे पत्र में युवाओं के साथ सीधे संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र और युवा रोजगार, परीक्षा प्रणाली और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने तथा उन्हें कांग्रेस के अभियान से जोड़ने की अपील की। उनके अनुसार युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस का कहना है कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से पार्टी युवाओं के सुझाव और शिकायतें एकत्र करेगी तथा उन्हें नीति निर्माण और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाएगी। पार्टी नेताओं का दावा है कि रोजगार, शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में कांग्रेस के प्रमुख राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा रहेंगे।
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के अभियान को राजनीतिक अभियान करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप, डिजिटल शिक्षा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ देशभर के युवाओं तक पहुंच रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा मतदाता आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दल शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुख स्थान दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं की अपेक्षाएं, रोजगार के अवसर और शिक्षा व्यवस्था राजनीतिक विमर्श के महत्वपूर्ण विषय बने रहेंगे। राहुल गांधी का यह अभियान भी इसी दिशा में कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आने वाले महीनों में कांग्रेस विभिन्न राज्यों में इस अभियान के तहत छात्र संवाद, जनसंपर्क कार्यक्रम और बैठकें आयोजित कर सकती है। इससे पार्टी युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का प्रयास करेगी।
फिलहाल राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान ने युवाओं के मुद्दों को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में इस अभियान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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