Last updated: July 1st, 2026 at 04:09 pm

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ईरान सरकार की ओर से देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का विशेष निमंत्रण भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार यह निमंत्रण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा को भी भेजा गया है। अंतिम संस्कार समारोह जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व अभी इस निमंत्रण पर विचार कर रहा है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह व्यक्तिगत रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या पार्टी की ओर से किसी प्रतिनिधिमंडल को भेजा जाएगा। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में अंतिम निर्णय परिस्थितियों और आधिकारिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
इस बीच केंद्र सरकार को भी ईरान की ओर से निमंत्रण मिला है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की संभावना कम है और भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के निमंत्रण केवल औपचारिक नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों और राजनीतिक संवाद को भी महत्व दिया जाता है। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऊर्जा, व्यापार और चाबहार बंदरगाह जैसी परियोजनाओं में दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी विदेशी राष्ट्र के शीर्ष नेता के अंतिम संस्कार में विभिन्न देशों के राजनीतिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का हिस्सा होती है। ऐसे आयोजनों में भाग लेने वाले प्रतिनिधि न केवल श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, बल्कि अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत और अनौपचारिक कूटनीतिक संपर्क का अवसर भी प्राप्त करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मल्लिकार्जुन खड़गे को मिला यह निमंत्रण कांग्रेस के लिए भी महत्वपूर्ण है। खड़गे वर्तमान में कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में यदि वह या पार्टी का कोई प्रतिनिधिमंडल इस कार्यक्रम में शामिल होता है, तो यह भारत-ईरान संबंधों के संदर्भ में भी ध्यान आकर्षित करेगा।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस निमंत्रण को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आधिकारिक निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर विदेश मंत्रालय भी ईरान के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।
मल्लिकार्जुन खड़गे को मिला यह निमंत्रण राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या पार्टी किसी अन्य वरिष्ठ नेता को प्रतिनिधि के रूप में भेजेगी। इस घटनाक्रम पर भारत और ईरान दोनों देशों की राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
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