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लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, आईटी शेयरों की तेजी से सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को लगातार चौथे सप्ताह की बढ़त दर्ज करते हुए सकारात्मक समापन किया। कारोबार के अंत
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भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को लगातार चौथे सप्ताह की बढ़त दर्ज करते हुए सकारात्मक समापन किया। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 261.79 अंक की बढ़त के साथ 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 95.15 अंक चढ़कर 24,270.85 के स्तर पर पहुंच गया। पूरे सप्ताह के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगभग 0.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में तेजी का प्रमुख कारण आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत रहे।

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    विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के उम्मीद से कमजोर रहने के बाद यह संभावना बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी नहीं करेगा। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा और भारतीय बाजार में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की स्थिति बनी, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर भी दिखाई दिया।

    शुक्रवार के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। वहीं फार्मा क्षेत्र ने भी बाजार को सहारा दिया। दूसरी ओर कुछ बैंकिंग और पीएसयू बैंक शेयरों में मुनाफावसूली के कारण हल्की कमजोरी दर्ज की गई।

    बाजार में केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। सप्ताह के दौरान मिडकैप सूचकांक में लगभग 2 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में भी बढ़त दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक बाजार में भी बना हुआ है और खरीदारी केवल चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली में कमी और रुपये की अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति ने भी बाजार को समर्थन दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि उन्होंने निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कॉरपोरेट नतीजों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

    आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर, सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर लगातार बढ़ाया जा रहा निवेश और कॉरपोरेट आय में सुधार की उम्मीद बाजार के लिए दीर्घकालिक सकारात्मक कारक हैं। हालांकि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति और ब्याज दरों से जुड़े निर्णय बाजार में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।

    भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ है, जिससे निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ है। आने वाले सप्ताह में कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों की नजर अब आगामी कॉरपोरेट घोषणाओं और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम पर बनी रहेगी।

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