Last updated: July 4th, 2026 at 04:48 am

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पत्र के आधार पर उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए समिति ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए जांच समिति गठित की जा रही है। साथ ही जिन कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर एक कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताए जाने का दावा गलत है और संबंधित व्यक्ति मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है।
मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। हालांकि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
समिति के अनुसार, जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और लागू सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें। समिति का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
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