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अयोध्या राम मंदिर दान गड़बड़ी मामले में जांच तेज, 8 आरोपी गिरफ्तार, आय और संपत्ति की हो रही पड़ताल

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच
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अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों की आय, संपत्ति, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही हैं।

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    जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मंदिर में दान पेटियों से प्राप्त नकदी और अन्य चढ़ावे की गिनती या उससे संबंधित व्यवस्था में किसी न किसी रूप में जुड़े हुए थे। इनमें मंदिर के कर्मचारी, पूर्व बैंक कर्मचारी, चालक और अन्य सहयोगी शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने दान राशि के कथित गबन में भूमिका निभाई।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, कई आरोपियों की घोषित आय और उनकी वास्तविक संपत्ति के बीच बड़ा अंतर पाया गया है। प्रारंभिक जांच में कुछ आरोपियों के पास महंगी एसयूवी, नए मकान और अन्य संपत्तियों की जानकारी सामने आई है, जबकि उनकी आधिकारिक आय अपेक्षाकृत कम थी। इसी आधार पर उनकी आय के स्रोत और संपत्ति अर्जित करने के तरीकों की जांच की जा रही है।

    पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इससे पहले की कार्रवाई में लगभग 79.8 लाख रुपये की नकदी भी जब्त की गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित रूप से दान राशि का दुरुपयोग कितने समय से हो रहा था और इसमें अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है। बैठक में एसआईटी की जांच रिपोर्ट, मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली, दान प्रबंधन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा होने की संभावना है।

    ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मंदिर में वित्तीय पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती।

    राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। विभिन्न दलों ने जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल राम मंदिर में दान प्रबंधन की मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक प्रशासनिक सुधार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    जांच जारी है और एजेंसियां आरोपियों की वित्तीय गतिविधियों, बैंक रिकॉर्ड तथा संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर नए खुलासे या अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

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