Last updated: July 9th, 2026 at 06:15 am
राजधानी के राजवंशी नगर स्थित एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में मरीजों को सरकारी इलाज के बजाय निजी अस्पतालों में भेजे जाने के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में विभाग ने एक जांच टीम का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की पड़ताल करेगी।
यह मामला स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि के हालिया औचक निरीक्षण के दौरान सामने आया था। निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की थी कि कुछ डॉक्टर सरकारी अस्पताल में इलाज करने के बजाय निजी अस्पतालों में उपचार कराने की सलाह दे रहे हैं।
शिकायत के आधार पर विभाग ने न्यूरो सर्जन डॉ. श्याम किशोर की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि उन्होंने एक मरीज को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी।
जांच टीम अब ऐसे मरीजों और उनके परिजनों से भी जानकारी जुटाएगी, जिन्होंने अस्पताल में पर्ची कटवाने के बावजूद सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं कराया। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भेजने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सूत्रों के अनुसार, जांच सिर्फ एक डॉक्टर तक सीमित नहीं रहेगी। अस्पताल के कुछ अन्य चिकित्सक भी जांच के दायरे में हैं। फिलहाल डॉ. श्याम किशोर और डॉ. राकेश कुमार रोशन से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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