Last updated: July 15th, 2026 at 11:40 am

बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद अभय कुशवाहा की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। मुख्यमंत्री आवास पर दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है।
एक तस्वीर से तेज हुई सियासी चर्चा
मुख्यमंत्री आवास पर अभय कुशवाहा की मौजूदगी और सम्राट चौधरी से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मुलाकात केवल शिष्टाचार थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य था।
अभय कुशवाहा का राजनीतिक सफर
अभय कुशवाहा लंबे समय तक जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े रहे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने जेडीयू छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल का दामन थामा और औरंगाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
इससे पहले वर्ष 2015 में वे जेडीयू के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 2018 में उन्हें पार्टी के युवा प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में बेलागंज सीट से चुनाव लड़ा था। राजनीति में आने से पहले वे गया जिले के कुजापी गांव के मुखिया भी रह चुके हैं।
क्या बदलेंगे बिहार के सियासी समीकरण?
हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों में दल-बदल और राजनीतिक संपर्कों को लेकर चर्चाओं के बीच इस मुलाकात को भी उसी नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, अब तक ऐसा कोई ठोस संकेत सामने नहीं आया है जिससे किसी राजनीतिक बदलाव या दल परिवर्तन की पुष्टि हो सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केवल एक मुलाकात के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यदि आने वाले दिनों में अभय कुशवाहा की ओर से कोई राजनीतिक बयान या नई गतिविधि सामने आती है, तभी इस मुलाकात के वास्तविक मायने स्पष्ट होंगे।
आरजेडी की ओर से नहीं आया कोई बयान
मुख्यमंत्री और आरजेडी सांसद की मुलाकात पर फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऐसे में यह मामला अभी केवल राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों तक सीमित है।
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