Last updated: July 15th, 2026 at 01:26 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्य में चल रही प्रमुख एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन की आधारशिला है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएं।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परियोजना की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन स्थानों की विशेष जानकारी ली, जहां भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा आ रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ-साथ तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र भी बन रहा है। ऐसे में मजबूत सड़क नेटवर्क निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और हाईवे परियोजनाओं के पूरा होने से माल परिवहन की लागत कम होगी, किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और छोटे शहरों को भी विकास की नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और परियोजनाओं का लाभ लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना चाहिए।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक पार्क और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी सड़क परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क अवसंरचना के विकास से उत्तर प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में लगातार विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क ने राज्य की आर्थिक संभावनाओं को नई दिशा दी है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों की रुचि बढ़ी है और कई औद्योगिक परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि यदि वर्तमान परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि ऐसा आधुनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करना है जो उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की सड़क अवसंरचना को और अधिक आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।
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