Last updated: July 15th, 2026 at 01:56 pm

राजधानी दिल्ली में यमुना नदी में नहाने के दौरान चार किशोरों के लापता होने की आशंका के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों के अनुसार नदी में तेज बहाव और गहराई के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन लापता किशोरों की तलाश लगातार जारी है.
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि चारों किशोर अपने साथियों के साथ यमुना किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान वे नदी में उतर गए और कुछ देर बाद पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। उनके साथ मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र को घेर लिया गया और नदी में खोज अभियान तेज कर दिया गया।
एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम मोटरबोट, लाइफ जैकेट, गहरे पानी में खोज करने वाले उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चला रही है। नदी के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी संभावित स्थान पर तेजी से खोज की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि पानी की गहराई और बहाव को देखते हुए अभियान पूरी सावधानी के साथ संचालित किया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद लापता किशोरों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। बचाव अभियान की लगातार निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं और स्थिति की समीक्षा समय-समय पर की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान यमुना नदी और अन्य जलाशयों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे हादसों की आशंका रहती है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और चेतावनी वाले क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है।
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान नदी में जल प्रवाह लगातार बदलता रहता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उनका मानना है कि ऐसे समय में जागरूकता और सुरक्षा नियमों का पालन ही सबसे प्रभावी बचाव है। साथ ही प्रशासन को भी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।
एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस का संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक सभी संभावित स्थानों की पूरी तरह तलाशी नहीं हो जाती, तब तक अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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