Last updated: July 16th, 2026 at 11:37 am

उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को अवैध निर्माण के आरोप में मिले ध्वस्तीकरण नोटिस के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और बिना नाम लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा को शिक्षा के क्षेत्र में भी सांप्रदायिकता दिखाई देती है। उनके अनुसार शिक्षा, शिक्षक, छात्र और शिक्षा के बाद मिलने वाला रोजगार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा अपने “अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों” के कथित अवैध भवनों और कार्यालयों पर कार्रवाई कब करेगी।
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश के कई बड़े विश्वविद्यालयों के भवनों के नक्शों की स्थिति सरकार सार्वजनिक करे। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान का नाम सामने आते ही नियम-कानून अलग तरीके से लागू किए जाते हैं और यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
दरअसल, 15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने कई निर्माणों को अवैध बताते हुए उन्हें हटाने का नोटिस जारी किया था। प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है।
वहीं, आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फातिमा ने पुष्टि की कि उन्हें नोटिस प्राप्त हुआ है और नियमानुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दिया जाएगा।
जौहर यूनिवर्सिटी पर हुई इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जबकि मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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