Last updated: July 16th, 2026 at 12:22 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य आज देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि सरकार की औद्योगिक नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण बड़ी संख्या में नए उद्योग प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि MSME इकाइयों को समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को और गति मिल सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लाखों MSME इकाइयां कार्यरत हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। इन उद्योगों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े उद्योगों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमियों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसी दिशा में विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए सरल और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने पर लगातार काम कर रही है। ‘सिंगल विंडो सिस्टम’, ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण उद्योग स्थापित करना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ आधुनिक विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप क्षेत्र को भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद (ODOP)’ जैसी योजनाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इससे छोटे उद्यमियों और कारीगरों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं और MSME योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई जिलों में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं और उद्यमियों को ऋण, प्रशिक्षण तथा तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में MSME क्षेत्र का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम उद्योग रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। यदि सरकार की औद्योगिक नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहता है, तो प्रदेश में निवेश और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश को देश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में MSME क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने अधिकारियों से उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने, उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सरकार का विश्वास है कि मजबूत MSME नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश आर्थिक विकास और औद्योगिक प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
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